रायसेन जिले में इस सीजन में पहली बार दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भीषण गर्मी के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। दोपहर के समय शहर की सड़कें सूनी नजर आईं, वहीं विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सांची स्तूप पर भी सन्नाटा पसरा रहा। तापमान 39 डिग्री के पार पहुंचते ही सांची स्तूप पर पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक जहां हजारों की संख्या में सैलानी पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या बेहद कम रह गई है। खासतौर पर दोपहर के समय स्तूप परिसर लगभग खाली नजर आता है। छाते और छांव का सहारा ले रहे पर्यटक जो इक्का-दुक्का पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, वे तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए छाते का उपयोग कर रहे हैं। पर्यटक छांव तलाशते हुए और खुद को पूरी तरह ढंककर गर्मी से बचाव करते दिखाई दे रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, सर्दियों में सांची में रोजाना 3 से 4 हजार पर्यटक पहुंचते थे, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या करीब 2 हजार रहती है। जनवरी में 30,162 भारतीय और 415 विदेशी पर्यटक आए थे। फरवरी में यह संख्या घटकर 24,436 भारतीय और 541 विदेशी पर्यटक रह गई। पर्यटन कारोबार पर भी असर तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप ने सांची घूमने के उत्साह को कम कर दिया है। इसका सीधा असर स्थानीय पर्यटन उद्योग और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। होटल, गाइड और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों की आमदनी प्रभावित हो रही है।
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