5 साल से अनफिट चल रहे बस से हुआ हादसा:कटिहार में 13 की मौत, 28 घायल; ओवर ड्रिंक करके ड्राइविंग कर रहा था चालक




कटिहार के कोढ़ा थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल है। शनिवार शाम 7 बजे अनियंत्रित बस ने पहले बाइक में टक्कर मारी फिर पिकअप वैन से टकरा गया। घटना गेरा बारी चौक से डेढ़ किलोमीटर दूर बसगराह बकरी फॉर्म के पास हुई। मृतकों में 9 महिलाएं, 3 पुरुष और 1 बच्चा शामिल हैं। इनमें से 11 पूर्णिया जिले के और 2 कटिहार जिले के निवासी थे। घायलों का इलाज सदर अस्पताल और विभिन्न निजी क्लीनिकों में जारी है। मृतकों में रंजीता हांसदा (30), डगहरुआ, राफिका हांसदा (19), तेलमी देवी (40), फगु हांसदा, तल्लू सोरेन, बिटिया, पशु देवी सुइया, थाना रानीपत्रा, ताला मुनी कुरसेला, डाफुआ, दुर्गा बासकी (60), मणीपुर डोरिया, डाफुआ, तल्लू सोरेन (60), धर्मगंज, चित्तामणि महतो (35), मधुआ और सदानंद हांसदा बरहा कोठी शामिल हैं। पांच साल से अनफिट थी बस जांच में सामने आया है कि हादसे का शिकार हुई पीले रंग की बस (नंबर BR34G0110) पिछले पांच साल से अनफिट थी। वो सड़क पर चलने के योग्य नहीं थी। बस का रजिस्ट्रेशन खगड़िया जिले से था और इसे बंगाल के चालक चला रहे थे। यह अशोक लीलैंड की 36 सीटर बस थी। बस का फिटनेस सर्टिफिकेट 19 जून 2021 को ही समाप्त हो चुका था। इसके अलावा बस का बीमा 31 जनवरी 2022 को और प्रदूषण प्रमाणपत्र 3 सितंबर 2021 को फेल हो गया था। एक अनफिट और बिना बीमा वाली बस का इतने लंबे समय तक सड़क पर चलना गंभीर लापरवाही का विषय है। बेटे के लिए लड़की देख कर लौट रहे थे पति-पत्नी इस हादसे में बरहरा कोठी के सदानंद हांसदा अपनी पत्नी प्रियंका देवी के साथ बाइक से अपने बेटे के लिए लड़की देखकर लौट रहे थे। तभी बस ने उन्हें टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में सदानंद की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वैन में पूर्णिया के सुप्रेस्थल थाना क्षेत्र के सुदामा गांव के आदिवासी समुदाय के लोग सवार थे। सभी लोग झारखंड से पूजा कर लौट रहे थे। हादसे में घायल सोनी किस्कू ने बताया कि वह माता-पिता व गांव वालों के साथ झारखंड में जय शंकर भगवान के धाम पूजा के लिए गई थी। यह धाम साल में एक बार लगता है। पिकअप में सवार सभी लोग जख्मी हो गए। हादसे में बेटे-बहू की हुई मौत प्रत्यक्षदर्शी ताला हांसदा ने बताया कि वह झारखंड के धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। पिकअप पर करीब 28 लोग सवार थे। इसी दौरान गेड़ाबाड़ी के पास अचानक जोरदार आवाज हुई। सभी लोग एक दूसरे पर चढ़ गए। पिकअप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सामने देखा कि बस ने जोरदार टक्कर मारी है। हादसे में मेरी बेटी और बहू की मौत हो गई। मुझे भी सिर में चोट लगी। प्रत्यक्षदर्शी चिंटू कुमार ने बताया की बस चालक को जब केबिन से निकल गया, तो वह पूरी तरह ओवर ड्रिंक किया हुआ था। शायद ओवर ड्रिंक की वजह से ही वह स्टेरिंग पर से नियंत्रण खो बैठा और दुर्घटना कर बैठा।

पोस्टमार्टम के दौरान पहुंचे जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया मृतक के परिजनों को 2-2 लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपए का मुआवजा मिलेगा। नियमों का उल्लंघन कर ओवरलोडिंग करते है ड्राइवर दरअसल, एनएच-31 पर अक्सर मेलों से लौटते वक्त पिकअप वैन में क्षमता से अधिक लोग बिठाए जाते हैं, जो हादसे के वक्त जानलेवा साबित होता है। एनएच पर रात के समय बसों की रफ्तार बेकाबू रहती है। हाईवे पेट्रोलिंग की कमी के कारण चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सड़क के डिजाइन या साइनेज में सुधार की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।

हादसे के बाद सड़क पर लोगों के शव बिखरे पड़े थे। घायल तीन लोगों की मौत पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में हो गई। यह हादसा एक बार फिर एनएच-31 पर सुरक्षा इंतजामों और अनफिट वाहनों के संचालन पर बड़े सवाल खड़े करता है। घटना के बाद स्थानीय लोग हंगामा करने लगे। लोगों को एसडीपीओ प्रदुम्न सिंह यादव ने शांत कराया। घायलों को एंबुलेंस और ग्रामीणों ने पिकअप से अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है। परिवहन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।



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