ग्वालियर में भगवान परशुराम पर बयान पड़ा भारी:दामोदर यादव को ‘याददाश्त बढ़ाने अखरोट-बादाम वाला बॉक्स भेजकर दिया अनोखा जवाब

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भगवान परशुराम को लेकर दिए गए बयान ने सियासी और सामाजिक हलकों में आग लगा दी है। आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव के “परशुराम कौन हैं, मैं नहीं जानता” वाले बयान के बाद ब्राह्मण समाज खुलकर सामने आ गया है। विरोध का अंदाज भी बिल्कुल अलग है। राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रूद्र शर्मा ने दामोदर यादव को एक ‘स्पेशल बॉक्स’ कूरियर किया है। यह कोई आम पार्सल नहीं, बल्कि तंज और संदेश से भरा हुआ पैकेज है। बॉक्स में क्या-क्या निकला इस अनोखे बॉक्स में अखरोट, बादाम, गुलाब शरबत, आयुर्वेदिक दवा शंखपुष्पी, एक पत्र और भगवान परशुराम की जीवनी किताब रखी गई है। संदेश साफ है—“याददाश्त तेज करो, दिमाग ठंडा रखो और इतिहास को पहचानो।” ‘इलाज’ से नहीं हुआ फायदा तो टॉप मनोचिकित्सक तैयार, रूद्र शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इस ‘आयुर्वेदिक इलाज’ से भी दामोदर यादव को फायदा नहीं हुआ, तो ब्राह्मण समाज उनकी पूरी जिम्मेदारी उठाते हुए देश के टॉप-5 मनोचिकित्सकों से इलाज करवाने को भी तैयार है। परशुराम जयंती से पहले भड़की चिंगारी दरअसल, सिवनीमालवा में अंबेडकर यात्रा के दौरान मंच से दिए गए इस बयान ने माहौल गर्मा दिया। परशुराम जयंती से ठीक पहले आए इस बयान ने विवाद को और हवा दे दी है।
यह पहली बार नहीं है जब दामोदर यादव अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी सनातन और Dhirendra Shastri को लेकर दिए गए बयानों पर वे विवादों में रह चुके हैं। अब बढ़ता जा रहा है विरोध देशभर में ब्राह्मण समाज और सवर्ण वर्ग में इस बयान को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। सवाल यही है—क्या यह ‘बॉक्स वाला तंज’ विवाद को शांत करेगा या आग में घी का काम करेगा?
अगर चाहो तो इसे और ज्यादा “टीवी डिबेट” या “तेज-तर्रार एंकर स्टाइल” में भी बना सकता हूँ।

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