चंडीगढ़ प्रशासन में पदोन्नति विवाद पर हाईकोर्ट का फैसला:पहले अपने कर्मचारियों को मौका दें, बाहरी नियुक्ति बाद में, ये सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी




चंडीगढ़ प्रशासन में भर्ती और पदोन्नति से जुड़े 9 साल पुराने विवाद पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि प्रशासन को बाहरी लोगों को प्रतिनियुक्ति या ट्रांसफर से लाने के बजाय पहले अपने कर्मचारियों को पदोन्नति का मौका देना चाहिए। दीपक कुमार निशाद और अन्य ने 2017 में याचिका दाखिल कर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के 2013 भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आदेश को चुनौती दी थी। उस आदेश में सुपरवाइजर पद पर हुई नियुक्तियों को रद्द कर नए नियम बनाने को कहा गया था। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति के बाद मामले का निपटारा करते हुए कहा कि प्रशासन यह बहाना नहीं बना सकता कि पद को प्रमोशन से नहीं भरा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे अपने कर्मचारियों को आगे बढ़ने का मौका दें। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जब भी नए भर्ती नियम बनाए जाएं, तब यह सुनिश्चित किया जाए कि कर्मचारियों के प्रमोशन के मौके कम न हों। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बाहरी नियुक्ति तभी की जाए जब पद न तो प्रमोशन से और न ही सीधी भर्ती से भरा जा सके।



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