तस्वीरें 2011 की हैं, जब आशा भोसले ने भोपाल में प्रस्तुति दी थी।
भारतीय संगीत जगत की महान पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन से देशभर में शोक की लहर है। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले ने अपनी सुरीली आवाज से दशकों तक श्रोताओं के दिलों पर राज किया। उनकी गायकी ने न सिर्फ फिल्म संगीत को समृद्ध किया,
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हर दौर में कायम रही सुरों की बादशाहत
आशा भोसले की आवाज में अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा झलकती थी। शास्त्रीय संगीत, ग़ज़ल, पॉप और फिल्मी गीत, हर शैली में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी गायकी में वह जादू था, जो हर गीत को जीवंत बना देता था और श्रोताओं को भावनाओं से जोड़ देता था।
मध्यप्रदेश से रहा खास जुड़ाव
मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित “राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान” से उन्हें वर्ष 1989 में सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके संगीत के क्षेत्र में दिए गए असाधारण योगदान की मान्यता था।
भोपाल में गूंजे थे उनके सुर
वर्ष 2011 में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह के दौरान भोपाल में उनकी लाइव प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था। उस शाम उनके सुरों ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया था, जिसे आज भी लोग याद करते हैं।
संस्कृति विभाग ने दी श्रद्धांजलि
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी आवाज और संगीत हमेशा अमर रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।