Canada Refugee Rule Change | One Year Apply Deadline


कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी।- फाइल

कनाडा में शरण लेने के इच्छुक लोगों के लिए अब नियम पहले से सख्त कर दिए गए हैं। मार्क कार्नी सरकार ने नया वन-ईयर रूल लागू किया है, जिसके तहत अब कनाडा में प्रवेश करने के एक साल के भीतर ही शरण के लिए आवेदन करना जरूरी होगा।

.

नए वन-ईयर रूल के अनुसार यदि कोई व्यक्ति कनाडा में प्रवेश करने के एक साल के भीतर अपना दावा पेश नहीं करता है, तो उसका मामला इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) को नहीं भेजा जाएगा। यानी वह व्यक्ति सीधे तौर पर शरण पाने की सुनवाई के लिए अयोग्य हो सकता है।

सरकार ने दो कैटेगरी में बांटे आवेदक…

  • सामान्य प्रवेश: जो लोग कानूनी या अन्य माध्यमों से कनाडा पहुंचे हैं, उन्हें लैंडिंग की तारीख से 365 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा।
  • यूएस-कनाडा सीमा से प्रवेश: जो लोग अमेरिका से लगती जमीनी सीमा के आधिकारिक रास्तों से कनाडा प्रवेश करते हैं, उनके लिए नियम और सख्त हैं। ऐसे लोगों को केवल 14 दिनों के भीतर शरण का दावा करना होगा। समय सीमा चूकने पर सुनवाई का अधिकार खत्म हो सकता है।

24 जून 2020 से लागू कट-ऑफ नए नियम के अनुसार, यह प्रावधान उन सभी लोगों पर लागू होगा जो 24 जून 2020 के बाद पहली बार कनाडा आए हैं। यदि इस तारीख के बाद आने वाले व्यक्ति ने एक साल के भीतर आवेदन नहीं किया, तो उसका मामला रिफ्यूजी बोर्ड तक नहीं पहुंचेगा।

ऐसे आवेदकों के पास केवल ‘प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट’ का विकल्प बचेगा, जो कि शरण पाने की तुलना में बहुत अधिक कठिन प्रक्रिया है।

क्या होता है शरण का मतलब शरण एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें कोई व्यक्ति अपने देश में नस्ल, धर्म, राजनीति या हिंसा के कारण खतरे के चलते दूसरे देश से सुरक्षा मांगता है। कनाडा अब तक उदार नीति के लिए जाना जाता था। लेकिन बढ़ते आवेदनों के दबाव को देखते हुए सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं।

——–

ये खबर भी पढ़ें…

कनाडा में खालिस्तानी झंडे फहराने पर बैन, संसद में बिल पास, धार्मिक स्थल के पास लोगों को डराना अपराध

कनाडा की संसद के निचले सदन में खालिस्तानी गतिविधियों पर सख्ती से जुड़ा बड़ा बिल पास किया है। ‘कॉम्बैटिंग हेट एक्ट’ नाम के इस विधेयक के तहत बब्बर खालसा जैसे संगठनों के झंडे और प्रचार सामग्री के सार्वजनिक प्रदर्शन को गैरकानूनी बनाया जाएगा। साथ ही धार्मिक स्थलों के बाहर लोगों को डराने या बाधा डालने को भी अपराध माना जाएगा। (पढ़ें पूरी खबर)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *