अंबेडकर जयंती के अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के इतिहास विभाग में कार्यक्रम श्रृंखला का शुभारंभ भव्य चित्र प्रदर्शनी के साथ हुआ। प्रदर्शनी में डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति उनके योगदान को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने के लिए विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में डिजिटल कंटेंट नवाचार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इतिहास जैसे विषय को डॉक्यूमेंट्री, लघु फिल्म और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाएं। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और इस तरह की प्रदर्शनी उनके विचारों को समझने का सशक्त मंच प्रदान करती है। रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार ने भी अपने संबोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस युग में विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ खुद को अपडेट करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्किल्स भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत हैं। इतिहास विभाग के संग्रहालय में आयोजित इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थितजनों ने सराहा। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्णकांत शर्मा, शिक्षकगण, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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