बेगूसराय में दधीचि देहदान समिति के नवगठित जिला टीम की बैठक का आयोजन पूर्व मेयर आलोक कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया। जिला सचिव निरंजन सिन्हा के संचालन में आयोजित बैठक में क्षेत्रीय मंत्री निर्मल जैन, शैलेश महाजन, दिलीप सिन्हा, प्रो. प्रकाश कु
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बैठक में संगठन विस्तार, जन जागरूकता कार्यक्रम आदि गतिविधियों पर विचार विमर्श किया गया। इसके साथ ही 26 अप्रैल को देहदान समिति की प्रमंडलीय स्तर की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में निर्मल जैन ने कहा कि जीवन मिला है तो मौत होगा ही, फिर जीवन किसी काम का नहीं। हमारा उद्देश्य जन जागरण और मानव कल्याण है।
बैठक में उपस्थित लोग।
देहदान से मानव कल्याण होगा, हमने लक्ष्य रखा है कि बेगूसराय में 2000 संकल्प लेटर भरा जाए, जिससे हम सभी परमार्थ से जुड़े रहेंगे। आज के युग में मेडिकल साइंस काफी आगे बढ़ चुका है, लेकिन उसके पास रिसर्च करने का साधन नहीं है। मानव जीवन पर शोध करने के लिए आज के युग में डॉक्टर के पास रिसर्च करने के लिए मानव देह की कमी है।
13 साल पहले देहदान समिति का गठन किया
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शैलेश महाजन ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कहने पर 2013 में हम लोगों ने देहदान समिति का गठन किया। जिसके संस्थापक पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद और सुशील कुमार मोदी सहित अन्य थे। समय के साथ बदलाव जरूरी है, देहदान से परिवार का सम्मान होगा, परिवार की एक अलग पहचान होगी, इसके लिए परिवार को संकल्पित होना होगा।
नवगठित कमेटी।
हम परिवार के लिए अच्छे डॉक्टर से इलाज कराना चाहते हैं, लेकिन अच्छा डॉक्टर हमें तभी मिलेगा जब उसे सीखने के लिए एक मानव शरीर मिलेगा। अभी वर्तमान में 1000 पर एक मानव शरीर मिल रहा है। जबकि साइंस कहता है 30 डॉक्टर के रिसर्च करने के लिए एक मानव देह उपलब्ध होना चाहिए, जो नहीं हो रहा। उसके लिए हम सब को आगे आना होगा, जीते जी रक्तदान और मरणोपरांत अंगदान देहदान जरूर करना चाहिए।
3 लोगों ने अंग दान किया
बिहार में अभी तक 1600 लोगों ने आंख दान, 24 लोगों ने शरीर दान और 3 लोगों ने अंग दान किया है। इस मामले में हम श्रीलंका से भी काफी पीछे हैं। बैठक में संतोष कुमार, संध्या कुमारी, रंजू ज्योति और विवेकानंद सिंह को देहदान का संकल्प पत्र फॉर्म भरने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं जिला स्तरीय समिति की घोषणा किया गया है।