Gaya Fertilizer Black Marketing Action


गयाजी7 मिनट पहले

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गयाजी में खरीफ सीजन 2026-27 को लेकर कृषि विभाग ने अभी से सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। जिले में उर्वरक की उपलब्धता और पारदर्शिता के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं होगी, गड़बड़ी पर सीधी कार्रवाई होगी।

जिला कृषि पदाधिकारी संजीव कुमार ने सभी उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों और थोक विक्रेताओं के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कई अहम निर्देश दिए गए। सबसे पहले खरीफ सीजन में उर्वरक के सुचारू संचालन के लिए क्यूआरटी (Quick Response Team) का गठन किया गया। यह टीम बाजार में निगरानी रखेगी और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेगी।

उर्वरक की कालाबाजारी पर होगी सख्ती।

उर्वरक की कालाबाजारी पर होगी सख्ती।

उर्वरक दुकानों पर खास रहेगी नजर

खास तौर पर उन उर्वरक दुकानों पर नजर रखने को कहा गया, जो यूरिया और डीएपी के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग करते हैं। ऐसे मामलों में सख्त जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। कहा गया है कि किसानों को किसी भी तरह से मजबूर कर उर्वरक बेचने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

कृषि विभाग ने यह भी बताया कि मार्च, अप्रैल और मई के दौरान किसान उर्वरक का उपयोग कम करते हैं। इस अवधि में आने वाले उर्वरकों का सही तरीके से भंडारण बेहद जरूरी है। अगर भंडारण में लापरवाही मिली, तो संबंधित विक्रेता पर कार्रवाई तय मानी जाएगी।

उर्वरक स्टॉक का सत्यापन सप्ताह में 2 बार कराएं

कई किसान काले और सफेद दानों को अलग-अलग गुणवत्ता का मानते हैं, जबकि हकीकत इससे अलग है। विभाग ने स्पष्ट किया कि काले और सफेद दोनों प्रकार के दानों में पोषक तत्व समान मात्रा में होते हैं। इसलिए किसान बिना किसी भ्रम के दोनों का उपयोग कर सकते हैं।

इसके साथ ही सभी विक्रेताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने पॉस (POS) मशीन में दर्ज उर्वरक स्टॉक का सत्यापन सप्ताह में कम से कम दो बार कराएं। इससे स्टॉक में गड़बड़ी या कालाबाजारी पर तुरंत लगाम लगाई जा सकेगी।

कृषि विभाग ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार खरीफ सीजन में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी नहीं चलेगी। इसके लिए हर स्तर पर सख्ती बरती जाएगी।

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