Jehanabad Guard Kills Child After Unnatural Sex; Wife Left Him


‘मैं 5 साल से इसी हॉस्टल में काम कर रहा हूं। 10 साल पहले मेरी पत्नी छोड़कर किसी और के पास चली गई। इस वजह से बच्चे मुझे बार-बार नपुंसक कहकर चिढ़ाते थे। जिससे परेशान होकर मैंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है।’

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ये कहना है हॉस्टल के गार्ड मुकेश कुमार उर्फ सुदामा (46) का, जिसने 5 साल के बच्चे के साथ न सिर्फ अननेचुरल सेक्स किया, बल्कि उसकी हत्या कर दी।

दरअसल, 6 अप्रैल सोमवार को जहानाबाद के कनौदी स्थित गुरुकुल हॉस्टल में 5 साल के बच्चे का खून से लथपथ शव मिला था। उसके शरीर पर करीब 20 से ज्यादा जगहों पर ब्लेड से काटने के निशान थे। उसके प्राइवेट पार्ट से भी ब्लीडिंग हो रही थी।

आरोपी ने अपने कबूलनामा में क्या-क्या बताया? मुकेश को उसकी पत्नी ने क्यों छोड़ा, बच्चे की मौत पर परिवार ने क्या आरोप लगाए थे? पुलिस आरोपी तक कैसे पहुंची?

पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

बच्चे की मौत के बाद परिवार ने शव नेशनल हाई-वे पर रखकर जाम किया था।

बच्चे की मौत के बाद परिवार ने शव नेशनल हाई-वे पर रखकर जाम किया था।

2 घंटे में शराब पी, फिर दरवाजा खोलकर सो गया

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाली रात करीब 9 बजे टेनी बीघा से शराब खरीदी और हॉस्टल के कमरे पर आ गया। यहां दो घंटे में मैंने पूरी बोतल खत्म कर दी। गर्मी के कारण कमरे का दरवाजा खोलकर सो गया।

आधे घंटे बाद कॉमन रूम से बच्चों का शोर बंद हो गया। सभी बच्चे टीवी बंद कर अपने-अपने कमरों में जा रहे थे। इसी दौरान कुछ बड़े बच्चे मुझे नपुंसक कहकर बुला रहे थे। इसमें ये बच्चा भी शामिल था। मैंने उसकी हंसी को देखा तो गुस्सा आ गया।

मोबाइल का लालच देकर बुलाया

आरोपी ने आगे बताया कि मैं उस समय नशे में था। मुझे ज्यादा कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैं 5 साल के बच्चे के कमरे में गया। वहां उसे मोबाइल दिखाने के बहाने अपने पास बुलाया।

पहले उसे अपने कमरे में ले जाकर बिस्तर पर बैठाया। मैंने उसका कपड़ा उतारने की कोशिश की तो वो घबरा गया। उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद मैंने उसे जबरदस्ती पकड़ा और कमरे से दूर ले गया।

बच्चे की मौत के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई थी।

बच्चे की मौत के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई थी।

सुनसान जगह पर ले जाकर किया जबरदस्ती

आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि बच्चे की आवाज किसी को सुनाई नहीं दें। इसको लेकर अपने कमरे से दूर सीढ़ियों के एक कोने में ले गया। यहां किसी का आना-जाना नहीं होता था। इसी जगह पर मैंने उसके साथ सेक्स किया। इस दौरान जब बच्चा धीरे-धीरे बेहोश होने लगा तो मैं डर गया।

इस डर की वजह से मैंने उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। उसके शरीर के कई जगह पर ब्लेड से काट दिया, ताकि लोगों को लगे की वो ऊपर से नीचे गिर गया है। फिर मैं उसको वैसा ही तड़पता छोड़कर अपने कमरे में सो गया।

आरोपी के कमरे के किचन सिंक से खून के धब्बे मिले

SP अपराजित लोहान ने बताया कि पुलिस की जांच में आरोपी के कमरे के किचन सिंक से खून के धब्बे मिले हैं। इसके अलावा उसके बाथरूम के पास खिड़की के बाहर से एक ब्लेड बरामद किया गया, जिसपर खून के निशान मिले।

सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कई बार सीढ़ियों पर ऊपर-नीचे आते-जाते दिखा, जिससे उसके व्यवहार पर संदेह गहराया। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वो अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

गुरुकुल से अपने बच्चों को साथ ले जाते बाकी पेरेंट्स।

गुरुकुल से अपने बच्चों को साथ ले जाते बाकी पेरेंट्स।

5 दिन पहले ही एडमिशन हुआ था

6 अप्रैल को बच्चे के दादा ने बताया था, ‘पोते का एडमिशन एक अप्रैल को हुआ था। बच्चे का भाई इसी स्कूल में पहले से क्लास वन में पढ़ता है। सुबह सूचना मिली कि बच्चा सीरियस है आकर देख लीजिए, वहां पहुंचे तो कहा गया कि हॉस्पिटल में है।

हॉस्पिटल गए तो छाती-गर्दन में चाकू के निशान दिखे, कंपाउडर उसके शरीर को पोछ रहा था। शरीर पर कोई कपड़ा भी नहीं था। बच्चे के कमर गर्दन पर चाकू लगा था।

घटना को किसने अंजाम दिया है, इसका अभी पता नहीं चला है, लेकिन हम तो स्कूल में छोड़ आए थे, तो हमें तो मास्टर से ही पूछना पड़ेगा ना। मुझे तो लगता है कि मास्टर सभी मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है।

पहले वह नीचे वाले कमरे में सोता था, लेकिन घटना के दिन ऊपर वाले कमरे में सुलाया गया।’

बच्चे के गिर जाने की सूचना दी गई

दादा ने आगे बताया था, ‘हमें सुबह सूचना मिली कि बच्चा गंभीर हालत में है और तुरंत आने को कहा गया। जब हम अस्पताल पहुंचे तो देखा कि बच्चे की हालत बहुत खराब थी। उसके शरीर पर चोट के निशान होने की बात सामने आई, जिससे हम लोग घबरा गए।

हमें पहले बताया गया कि बच्चा कहीं गिर गया है, लेकिन मौके पर स्थिति देखकर ऐसा नहीं लगा। हम लोगों को यह भी समझ नहीं आ रहा है कि अगर बच्चा एक कमरे में था, तो उसे दूसरे कमरे में कैसे ले जाया गया।

स्कूल प्रबंधन की तरफ से हमें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे हमारे मन में संदेह पैदा हो रहा है कि कहीं कुछ छिपाया तो नहीं जा रहा है।

कुछ लोगों के बीच तरह-तरह की बातें भी चल रही हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए। अगर यह हादसा नहीं है, तो फिर यह कैसे हुआ, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।

हमारी मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि हमें न्याय मिल सके।’

छोटे भाई को दूसरे कमरे में ले जाया गया

गांव के ही बिट्टू कुमार ने बताया था, ‘मृतक के बड़े भाई को लाने के लिए जब हम हॉस्टल पहुंचे तो देखा कि कई जगह खून गिरा हुआ है। उसका कहना है कि हम दोनों भाई एक साथ सोते थे, लेकिन घटना की रात को हमारे भाई को अलग ले जाकर रखा गया था।’



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