सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत वार्षिक सत्यापन (Annual Verification) की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है, लेकिन अभी भी जिले के करीब 29 हजार पेंशनर्स ने अपना सत्यापन नहीं कराया है। यदि आगामी कुछ दिनों में सत्यापन नहीं कराया गया, तो इन पेंशनर्स की पेंश
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन पूनिया ने बताया कि विभाग शत-प्रतिशत सत्यापन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिला कलेक्टर, सीईओ, ग्राम सेवकों और पटवारियों को पत्र लिखे गए हैं और निरंतर संदेश भेजे जा रहे हैं।
उपनिदेशक डॉ. पवन पूनिया ने बताया कि विभाग शत-प्रतिशत सत्यापन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है
हमने कलेक्टर, सीईओ, ग्राम सेवकों और पटवारियों सबको चिट्ठियां लिखवाई हैं, मैसेज कराए हैं और उन्हें स्थिति से अवगत कराया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का सत्यापन हो सके।
89.78 प्रतिशत ने करवाया सत्यापन
जिले में कुल पेंशनर्स की संख्या 2,82,954 है, जिनमें से 2,54,049 (89.78%) पेंशनर्स का सत्यापन हो चुका है। अब भी 28,905 पेंशनर्स का सत्यापन लंबित है।
आयु के अनुसार पेंडिंग डेटा
75 वर्ष से कम: 21,448 पेंशनर्स
*75-99 वर्ष: 7,362 पेंशनर्स
*99 वर्ष से अधिक: 95 पेंशनर्स
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्थिति
ग्रामीण क्षेत्रों में सत्यापन की दर शहरी क्षेत्रों की तुलना में थोड़ी बेहतर है।
ग्रामीण क्षेत्र (Rural Area):
कुल पेंशनर्स: 2,16,433
वेरिफाइड: 1,95,757 (90.45%)
पेंडिंग: 20,676
उदयपुरवाटी और खेतड़ी में सबसे कम सत्यापन
उपनिदेशक डॉ. पूनिया ने बताया कि जिले के उदयपुरवाटी और खेतड़ी ब्लॉक में सत्यापन की दर सबसे कम है। शहरी क्षेत्रों में झुंझुनू नगर परिषद और नवलगढ़ नगरपालिका में भी पेंडेंसी अधिक है, जिसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
खेतडी सबसे अधिक पिछड़ा
खेतड़ी (4,647), उदयपुरवाटी (3,672), नवलगढ़ (1,754) और झुंझुनू ब्लॉक (1,961)।
शहरी क्षेत्र (Urban Area):
कुल पेंशनर्स: 66,521
वेरिफाइड: 58,292 (87.63%)
पेंडिंग: 8,229