Jodhpur Elevated Road Project | 1243 Cr Jam Relief


जोधपुर शहर को भारी ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने वाले बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट का शुक्रवार को जमीनी स्तर पर सर्वे शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी को अजमेर दौरे के दौरान 1243.19 करोड़ रुपए की लागत वाली जोधपुर की इस महत्

.

महामंदिर से आखलिया चौराहे तक बनने वाले इस फोरलेन निर्माण के लिए फिलहाल भूमि सर्वेक्षण शुरू किया गया है। इसके बाद 15 अप्रैल से मशीनों के जरिए जमीनी निर्माण कार्य शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है।

यहां मशीनों से खुदाई कर इन गड्ढों से निकाली गई मिट्टी के नमूनों को लैब में भेजकर उनकी भार वहन क्षमता और घनत्व की जांच की जाएगी।

यहां मशीनों से खुदाई कर इन गड्ढों से निकाली गई मिट्टी के नमूनों को लैब में भेजकर उनकी भार वहन क्षमता और घनत्व की जांच की जाएगी।

185 पिलर्स पर टिकेगा स्ट्रक्चर, 20 मीटर गहरी बोरिंग

पूरी एलिवेटेड संरचना लगभग 185 पिलर्स (piers) पर आधारित होगी। इन पिलर्स की मजबूत नींव तय करने के लिए वर्तमान में मशीनों से जमीन में 20 से 30 मीटर गहरी बोरिंग की जा रही है। इन गड्ढों से निकाली गई मिट्टी के नमूनों को लैब में भेजकर उनकी भार वहन क्षमता (bearing capacity) और घनत्व की जांच की जाएगी। इसी तकनीकी डेटा के आधार पर पिलर्स की गहराई और डिजाइन तय किया जाएगा, ताकि वे भारी यातायात का दबाव सुरक्षित रूप से सह सकें।

13 साल बाद नया स्वरूप

करीब 13 साल पहले प्रस्तावित 9.06 किलोमीटर के रूट में कई संशोधनों के बाद अब इसे अंतिम रूप से 7.633 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जा रहा है। इसके अलावा ट्रैफिक को ऊपर-नीचे करने के लिए 7.012 किलोमीटर लंबे रैंप भी बनाए जाएंगे।

इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है। इस मॉडल के अनुसार निर्माण लागत की एक बड़ी हिस्सेदारी शुरुआत में सरकार द्वारा वहन की जाएगी और शेष राशि रियायत अवधि के दौरान वार्षिकी (एन्यूटी) के रूप में चुकाई जाएगी।

तीन नेशनल हाईवे जुड़ेंगे, 13 स्थानों से मिलेगी एंट्री

इस आधुनिक एलिवेटेड मार्ग के शुरू होने से एनएच-25, एनएच-125 और एनएच-62 सीधे आपस में कनेक्ट हो सकेंगे। शहर के व्यस्ततम सोजती गेट और जालोरी गेट जैसे चौराहों पर वाहन चलाने की सुविधा के लिए पूरे रूट पर 13 एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स दिए जाएंगे। इसके अलावा मार्ग में 8 प्रमुख और 20 छोटे जंक्शन बनाए जाएंगे। नीचे अंडरपास और रैंप की व्यवस्था होने से एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रास्ता मिलेगा।

कंपनी को 912 दिन में पूरा करना होगा काम

फाइनेंसियल बिड प्रक्रिया के बाद कोलकाता स्थित इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की सब्सिडियरी ‘जीपीटी-आईएससी जेयू हाईवे प्राइवेट लिमिटेड’ को करीब 670 करोड़ रुपए की सबसे कम बोली पर इसका ठेका दिया गया है। यह निर्माण कंपनी जीपीटी और भागीदार आईएससीपीपीएल का संयुक्त उपक्रम (joint venture) है। इस मेगा प्रोजेक्ट को अगले 912 दिन यानी लगभग 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *