नमस्कार दिशा बैठक में गुस्सा हुईं भरतपुर की सांसद मैडम को कलेक्टर साहब ने ऐसी बात कही कि हंसी छूट गई। दौसा में किरोड़ी बाबा के स्वागत में तोपें-बंदूकें गरजीं, अब रैप सॉन्ग गरज रहा है। चूरू मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल साहब ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया और अजमेर में टंकी से ‘अफवाह’ का झरना बह निकला। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. आम आदमी मरकर भी अफसरों-नेताओं को गुदगुदा सकता है भरतपुर में दिशा की बैठक चल रही थी। यूं तो मौसम कूल-कूल था, लेकिन सांसद मैडम गुस्से में नजर आ रहीं थी। गुस्सा RBM हॉस्पिटल के PMO पर आ रहा था। आंधी-तूफान में छत गिरने से महिला घायल हो गई थी। मैडम ने CMHO को फोन कर जल्दी इलाज करने की बात कही, लेकिन निचले लेवल से रिस्पॉन्स नहीं मिला। महिला की मौत हो गई। दिशा की बैठक में फोन नहीं उठाने वाले अफसर हंस रहे थे। बात गुस्से की ही थी। कलेक्टर कमर चौधरी सांसद महोदया के पास ही बैठे थे। मैडम ने शिकायत के लहजे में कहा- किसी की जान चली गई और आप हंस रहे हैं। बड़े ही शर्म की बात है। इस पर कलेक्टर कमर चौधरी ने तुरंत बात संभाली। बोले- वे हंस नहीं रहे, उनकी शक्ल ही ऐसी है। इस बात पर सांसद मैडम का गुस्सा छू-मंतर हुआ और वे खुद भी अपनी हंसी नहीं रोक सकीं। कुल मिलाकर बात का लब्बोलुआब ये कि आम आदमी मरकर भी अफसरों-नेताओं को गुदगुदा सकता है। 2. चाचा-भतीजे का धमाकेदार स्वागत और ‘रैप सॉन्ग’ मिडिल ईस्ट धमाकों से दहला हुआ है। धमाके हमारे यहां भी होते हैं लेकिन खुशी में। त्योहार पर। स्वागत में। बारात में। जीत के आनंद में। कई बार बीमा पाने के लिए ही बचे हुए बारूद में धमाके कर दिए जाते हैं। लेकिन बात दौसा के धमाकों की है। मंत्री किरोड़ी लाल ने काला चश्मा लगाकर कार की खुली छत से दर्शन दिए। हालांकि उनकी एंट्री ही धमाकेदार होती है। इसके बावजूद समलेटी गांव में उनकी एंट्री पर बारूद के खजाने खोल दिए गए। खेत में धमाके किए गए। राह पर दुनालियां लहराते हुए हवाई फायर किए गए। पुलिस वाले खड़े देखते रहे। बाबा ने धमाकों को लेकर कहा- ऐसा स्वागत कभी नहीं हुआ। तोपें चल रही थीं तो ऐसा लगा जैसे ईरान की मिसाइल हो। इजराइल-अमेरिका के क्लस्टर बम चल रहे हों। हालांकि बात स्वागत के उल्लास से फिसलकर कानून की खिल्ली तक पहुंच गई है। ऐसे में महवा सीओ का कहना है कि गंधक और पोटास से फायरिंग हुई थी। महवा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कुछ लोग शर्त लगा रहे हैं कि देख लेना अज्ञात लोग कभी भी ज्ञात नहीं हो पाएंगे। 3. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने किया ‘इलाज’ अपने काम के लिए दूसरों के भरोसे रहने पर बड़े बुजुर्ग ‘अपने हाथ जगन्नाथ’ हो जाने का आशीर्वाद देते थे। साथ ही स्वर्ग को लेकर कहते थे कि यह खुद के मरे से ही दिखता है। चूरू के मेडिकल कॉलेज में भी ऐसा ही हुआ। प्रिसिंपल साहब को अपने हाथों को जगन्नाथ बनाना पड़ा। चूरू में मधुमक्खियां ईरानी ड्रोन से भी खतरनाक साबित हो रही हैं। एक महीने में 36 लोगों को हॉस्पिटल पहुंचा चुकी हैं और दो लोगों की जान ले चुकी हैं। मेडिकल कॉलेज में खतरनाक भौंरा मधुमक्खी के 7 छत्ते लगे थे। हर मधुमक्खी मिनी मिसाइल। कॉलेज के गार्ड को हॉस्पिटल पहुंचा चुकी थीं। प्रिसिंपल साहब ने कई लोगों से मिन्नतें की कि छत्ते हटाए जाएं। शहद के लिए छत्ते हटाने वाले एक्सपट्र्स ने भी हाथ खड़े कर दिए। प्रिंसिपल साहब स्टाफ में से किसी को आगे कर ‘फौजमार कप्तान’ नहीं बनना चाहते थे। लिहाजा उन्होंने खुद मोर्चा संभाला। एक टीम बनाई और कोरोना काल के बचे हुए पीपीई किट पहनकर मधुमक्खियों पर जवाबी हमला कर दिया। बिना जान-माल की हानि के 5 घंटे में जंग जीत ली गई। चहुं दिशाओं में प्रिंसिपल साहब की हिम्मत की दाद की जा रही है। यूं मान लीजिए कि जगन्नाथ सर ‘स्वर्ग’ का आनंद ले रहे हैं। 4. चलते-चलते.. अजमेर में पानी की टंकी के उद्घाटन के वक्त विधायक महोदय ने कहा था- जोर से भारत माता की जय बोलोगे तो ज्यादा पानी आएगा। जोश में जनता ने नारा लगाया- भारत माता की जय। बात दो-ढाई महीने पहले की ही है। अब इसी टंकी से इतना ज्यादा पानी गिरा और ऐसे झरने के रूप में गिरा कि मोहल्ले वालों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। टंकी में एक तरेड़ (दरार) कुछ दिन से नजर आ भी रही थी। लोगों को लगा कि हो गया काम। टंकी फट गई। चारों तरफ अफवाह फैल गई कि नई टंकी फट गई। जबकि हुआ ये था कि जिस कर्मचारी की ड्यूटी टंकी भरने की थी वह पंप चालू करके भूल गया। टंकी ओवरफ्लो हो गई। कर्मचारी के चक्कर में नेताजी की जगतभर में किरकिरी हो गई। कर्मचारी को ड्यूटी से हटा दिया है। अफसरों का कहना है- जांच में टंकी सुरक्षित पाई गई। इनपुट सहयोग- गौरव माथुर (भरतपुर), राजेंद्र गुर्जर (महवा, दौसा), नरेश भाटी (चूरू), भरत मूलचंदानी (अजमेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..
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