The target was to provide water to 2700 houses in 18 months.



पेयजल योजना के नाम पर करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में ईओडब्ल्यू इंदौर ने नगर परिषद अंजड़, जिला बड़वानी में एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने नगर परिषद के तत्कालीन अध्यक्षों, सीएमओ, इंजीनियर, लेखापाल और ठेकेदार को आरोपी बनाया है।

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जांच में सामने आया कि अधूरा काम होने के बाद भी ठेकेदार कंपनी को राशि का पूरा भुगतान कर दिया गया। इससे न केवल शासन को आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि सभी 2700 घरों में पानी भी नहीं पहुंचा। ईओडब्ल्यू ने बताया कि वर्ष 2016 में अंजड़ नगर परिषद में पेयजल योजना के तहत घरेलू नल कनेक्शन के लिए 12 करोड़ 20 लाख 8 हजार 500 रुपए स्वीकृत किए गए थे।

इस योजना का टेंडर ई-टेंडरिंग के जरिए इसी राशि में सोरठिया वेलजी रत्ना एंड कंपनी को दिया गया। योजना के तहत शहर के 2700 घरों तक घर-घर जल वितरण सुनिश्चित करना था। अनुबंध के अनुसार यह काम 18 महीने में पूरा किया जाना था।

टेंडर की शर्तों का उल्लंघन… अधूरा काम, फिर भी नहीं काटी 10% पेनल्टी

टेंडर की शर्तों में स्पष्ट था कि समय सीमा में काम पूरा नहीं होने पर बिल राशि का 10% कटौती की जाएगी। लेकिन जांच में पाया गया कि काम आज तक अधूरा है। कंपनी ने कोई पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं दिया। इसके बाद भी बगैर पेनल्टी काटे पूरा भुगतान कर दिया गया। दस्तावेजों में गड़बड़ी, माप पुस्तिका भी अधूरी मिली।

ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया कि माप पुस्तिका में काम का पूरा विवरण नहीं है। कई जगह अफसरों और ठेकेदार के हस्ताक्षर तक नहीं हैं। कैशबुक में गलत एंट्रीज दर्ज मिली हैं। जांच एजेंसी ने माना है कि ऐसा रिकॉर्ड में हेरफेर कर भुगतान को वैध दिखाने की कोशिश की गई है।

अफसरों-जनप्रतिनिधियो की मिलीभगत जांच में नगर परिषद के तत्कालीन अध्यक्षों, सीएमओ, इंजीनियर और लेखापाल पर मिलीभगत के आरोप लगे हैं। इन सभी ने ठेकेदार कंपनी के साथ मिलकर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया और बिना काम पूरा हुए 10.20 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। इन तथ्यों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

इन्हें बनाया आरोपी: तत्कालीन अध्यक्ष मंजुला राकेश पाटीदार, पुष्पा परमार, तत्कालीन सीएमओ सुरेंद्र सिंह परमार, अमरदास सैनानी, मायाराम सोलंकी, इंजीनियर दिनेश पटेल, लेखापाल हुकुमचंद मालवीय और ठेकेदार परेश सोरठिया, मनीष मकवाना शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, आपराधिक साजिश की धाराओं में आरोपी बनाया है।



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