पिता दिहाड़ी मजदूर, महीने में 20 दिन भी काम नहीं मिलता। पेंटर हैं, इमारतों में पेंट करते हैं। खुद 10वीं पास न कर पाने वाले विनोद मेहरा ने बेटे को पढ़ा-लिखाकर बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना देखा। इस सपने को अब उनके बेटे सोनू मेहरा ने पूरा किया है।
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सोनू मेहरा ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में 99.80% अंक हासिल किए। प्रदेश के टोंक जिले के मूल निवासी और जयपुर के वाटिका क्षेत्र में विनोद मेहरा परिवार सहित रहते हैं।
दैनिक भास्कर से बातचीत में विनोद मेहरा ने बताया- सीमित आय और अनियमित काम के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। परंतु धीरे-धीरे जब आर्थिक स्थिति और बिगड़ी, तब उसका असर सोनू की पढ़ाई पर भी नजर आने लगा। दिहाड़ी मजदूरी के दौरान जब महीने में मुश्किल से 20 दिन ही काम मिलता था। ऐसे में आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण 8वीं के बाद सोनू को प्राइवेट स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में एडमिशन दिलाना पड़ा। 9वीं क्लास से सोनू राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वाटिका, जयपुर में पढ़ाई कर रहा है। यहां दो शिक्षकों ने उसकी पढ़ाई करने में मदद भी की।
सोनू ने कहा- प्रशासनिक अधिकारी बनकर देशसेवा करूंगा।
दो शिक्षकों ने की मदद, बिना फीस करवाई कोचिंग
सोनू की मदद उसके दो टीचर ने की। शिक्षक गणेश मीणा और बनवारी मीणा ने सोनू की प्रतिभा को पहचानकर पिछले तीन साल से बिना फीस लिए कोचिंग देकर उसकी तैयारी करवाई। शिक्षक बनवारी ने बताया- सोनू शुरू से ही मेधावी और मेहनती छात्र रहा है। आज उसकी सफलता उनकी मेहनत का ही परिणाम है।
कोई गरीब बच्चा आर्थिक तंगी के कारण न रहे पढ़ाई से वंचित
बता दें कि घर पर भी सोनू पढ़ाई को लेकर पूरे साल काफी अनुशासित रहा। वह घंटों पढ़ाई करने के साथ-साथ अपनी बहन को भी पढ़ाता था। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।
सोनू ने बताया- अब उसका अगला लक्ष्य UPSC परीक्षा में टॉप करना है। वह प्रशासनिक अधिकारी बनकर प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत करना चाहता है। सोनू ने कहा- ऐसी शिक्षा व्यवस्था लागू करने का मेरा सपना है, जिसमें कोई भी गरीब बच्चा आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे।