राकेश पचौरी | मथुरा5 मिनट पहले
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मथुरा के वृंदावन में नाव हादसे में अब तक 14 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। 22 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 2 लोग युवराज (20) और पंकज मल्होत्रा (40 ) अब भी लापता हैं। पंकज हिमांचल में स्टील कंपनी में मैनेजर थे। जबकि युवराज 12 वीं पास की थी। घटना के दिन नाव पर युवराज ढोलक बजा रहा था।
सोमवार को चौथे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। सेना, NDRF-SDRF समेत करीब 250 लोगों की टीम ऑपरेशन में लगी हुई है। अब जांच का दायरा 14 किमी से बढ़ाकर 20 किमी कर दिया गया है।
आज सुबह भी एक महिला की लाश मिली है। अभी शव की पहचान नहीं हो पाई है। इससे पहले रविवार सुबह दो शव मिले थे। इनकी पहचान पंजाब के दुगरी (लुधियाना) की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई। प्रशासन के मुताबिक, शव फूलकर नदी के ऊपर आ गए थे। रस्सी बांधकर शवों को नाव में खींचा गया और बाहर निकाला। परिजनों ने दोनों की पहचान की।
डिंकी BA फाइनल ईयर की छात्रा थी। बीमार पिता के लिए मन्नत मांगने मां और बहन के साथ वृंदावन आई थी। मां की लाश पहले ही बरामद हो चुकी है। बहन की तलाश जारी है। इस बीच, हादसे से पहले के 4 वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें श्रद्धालु ढोलक-मंजीरा बजा रहे हैं। भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारे लगा रहे हैं। ‘नजर सांवरे लग न जाए कहीं..’ भजन गा रहे हैं।
इससे पहले, सर्चिंग अभियान के दूसरे दिन यानी शनिवार को पंजाब निवासी मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास से बरामद हुआ था। उनकी सगाई हो चुकी थी और सितंबर में शादी होनी थी। बेटे की लाश देखकर बुजुर्ग पिता फफक पड़े।
शुक्रवार दोपहर 3 बजे 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई थी। हादसा श्री बांके बिहारी मंदिर से 2 किमी दूर केसी घाट पर हुआ था। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा को जेल भेज दिया है। पप्पू ने अपनी नाव में श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था।
तस्वीरें देखिए-
आज सुबह 8 बजे हादसे की जगह से 3 किमी दूर ऋषभ शर्मा का शव मिला। ऋषभ पंजाब के जगराओं के रहने वाले थे।
आर्मी समेत करीब 250 लोगों की टीम सर्च ऑपरेशन में लगी हुई है। अब जांच का दायरा 14 किमी से बढ़ाकर 20 किमी कर दिया गया है।
रविवार को हादसे से पहले के 4 वीडियो सामने आए। इनमें श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। भजन-कीर्तन करते दिखाई दिए।
श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारे लगा रहे थे। ‘नजर सांवरे लग न जाए कहीं..’ भजन गा रहे थे।
कैसे हुआ हादसा? जान लीजिए-
हादसे में जिंदा बचे एक युवक ने बताया- नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। हवा करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक का नियंत्रण छूट गया। पर्यटकों ने कहा कि पुल आने वाला है, नाव रोक लीजिए, लेकिन उसने नहीं सुनी। दो बार नाव पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई और नाव डूब गई।
घटना से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
20 मिनट पहले
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गाद हटाने वाली मशीन को हटाया गया, VIDEO में देखिए
गाद हटाने की उस मशीन को हटा दिया गया है, जिसकी वजह से पुल खोला गया था।
22 मिनट पहले
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फोरेंसिक टीम ने की वीडियोग्राफी
रविवार को फॉरेंसिक टीम घटना स्थल पर जांच के लिए पहुंची। टीम ने नाव की वीडियोग्राफी कर पानी की गहराई के बारे में भी पता किया।
25 मिनट पहले
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नाविक बोले- इतना दर्दनाक हादसा कभी नहीं हुआ
हादसे के बाद नावों का संचालन बंद है। पीढ़ियों से नाव चलाने वाले बाबूलाल ने बताया उनकी याद में इतना दर्दनाक हादसा नहीं हुआ। खुद ही हम सभी नाविकों ने वोट न चलाने का निर्णय लिया है।
बाबूलाल कहते हैं कि अगर दो दिन नाव नहीं चलाएंगे तो कुछ नहीं होगा। बाबूलाल ने बताया कि प्रशासन ने मना नहीं किया है, लेकिन निर्देश दिए हैं कि वह 10 लोग बैठाएंगे और बिना लाइफ जैकेट के किसी को नहीं बिठाएंगे।
उन्होंने बताया कि मशीन से गाद हटाई जा रही थी, इसलिए पुल को खोल दिया गया था। इस वजह से पुल से नाव टकराई। हादसा हो गया।