अलीगढ़ में थाना क्वार्सी की शिवलोक कॉलोनी निवासी ललित (27) ने आईडी हैक होने पर डाटा लीक होने के डर से शनिवार तड़के ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। जांच में जुटी पुलिस को युवक का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिससे पता चलता है कि वह पिछले कुछ दिनों से अपनी ईमेल आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट्स हैक होने के कारण गहरे मानसिक तनाव में था। मरने से पहले ललित ने दो पन्नों का एक अंग्रेजी में सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने पर्सनल डाटा लीक होने का जिक्र किया है। तड़के 4 बजे मौत की सूचना ललित के पिता वीरेंद्र सिंह भाजपा के एक जनप्रतिनिधि के कार्यालय सहयोगी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि ललित शनिवार रात करीब 3:30 बजे बिना बताए घर से पैदल निकल गया था। तड़के करीब 4:18 बजे रेलवे गेटमैन ने पुलिस को सूचना दी कि डोरी नगर के पास अप वैशाली एक्सप्रेस के सामने एक युवक ने छलांग लगा दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर शिनाख्त की। सुसाइड नोट में हैकिंग का पूरा कच्चा चिट्ठा ललित ने सुसाइड नोट में बताया कि 7 अप्रैल के बाद उसकी डिजिटल लाइफ पूरी तरह उसके नियंत्रण से बाहर हो गई थी। ललित ने लिखा कि 7 अप्रैल की सुबह 9:15 बजे के बाद उसकी जीमेल आईडी का नाम बदल दिया गया और अकाउंट किसी अज्ञात व्यक्ति के नियंत्रण में चला गया। संदिग्ध नंबरों से डाउनलोड हुई पास-की उसने नोट में जिक्र किया कि अलग-अलग संदिग्ध नंबरों से उसके फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की ‘पास-की’ डाउनलोड की गई थीं। ललित ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखा कि ‘Find My Device’ के जरिए उसने अपने ही दूसरे मोबाइल से पुराने अकाउंट डिलीट करने की कोशिश की, लेकिन हैकर ने पासवर्ड हैक कर पूरा कंट्रोल ले लिया। प्राइवेट डेटा लीक होने का डर सुसाइड नोट में ललित ने लिखा कि उसे अपनी निजी जानकारी और सामग्री सार्वजनिक होने का डर सता रहा है। परिजन ने पुलिस को बताया कि ललित पिछले तीन दिनों से बेहद खामोश और परेशान था। वह बार-बार अपने फोन को देख रहा था और उसे लग रहा था कि कोई उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। उसने कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों का भी सुसाइड नोट में जिक्र किया है, जिन्हें अब पुलिस और साइबर सेल को सौंप दिया गया है।
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