आगरा में हजारों शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने शिक्षा भवन से सुभाष पार्क तक मशाल जुलूस निकाला और सरकार के फैसले का विरोध किया। शिक्षकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश ने उनके भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवा में अभी पांच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें दो वर्ष के अंदर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के संयोजक धर्मेंद्र कसाना ने कहा, “हमने 20-30 साल तक बिना किसी परीक्षा के पूरे समर्पण से बच्चों को पढ़ाया, क्या हमारा वह अनुभव अब अपर्याप्त है? क्या नौकरी का यह संकट हमारे परिवारों की रोटी पर भी असर डालेगा?”शिक्षकों का कहना है कि वे टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे और अपनी नौकरी बचाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि टीईटी की अनिवार्यता को हटाया जाए और उनके अनुभव को सम्मान दिया जाए।मशाल जुलूस में शामिल शिक्षकों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे और पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता ने उनके भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है और वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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