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नोएडा16 मिनट पहले
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नोएडा में सोमवार सुबह सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस ने लाठियां चला दीं। भास्कर रिपोर्टर साकेत आनंद से भी पुलिस ने मारपीट की है। पत्रकारों ने DCP नोएडा सेंट्रल सव्या गोयल से घटना पर नाराजगी जताई और आरोपी पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।
DCP गोयल पत्रकारों ने पत्रकारों की बात तो पूरी सुनी, लेकिन कुछ भी एक्शन नहीं लिया। वह पुलिसवालों का बचाव करती नजर आईं। इस पर नाराज पत्रकारों ने कहा- आप एक्शन नहीं लेती हैं तो हम पुलिस वाले के खिलाफ FIR दर्ज कराएंगे।
पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह ने भास्कर रिपोर्टर साकेत आनंद से मारपीट की।
घटना के वक्त DCP नोएडा सेंट्रल सव्या गोयल वहां मौजूद थीं। पत्रकारों ने उनसे एक्शन लेने के लिए कहा, लेकिन वह पुलिसकर्मी का बचाव करती नजर आईं।
घटनाक्रम का पूरा वीडिया देखिए…
भास्कर रिपोर्टर उदय भटनागर ने बताया आंखों देखा हाल
मैं और मेरे साथ साकेत आनंद दैनिक भास्कर के लिए नोएडा में मजदूरों का जो प्रोटेस्ट चल रहा है उसे कवर करने आए थे। कई सेक्टर में ये प्रोटेस्ट चल रहा है। मैं सेक्टर 85 में पहुंचा। यहां निनजिन कंपनी है। उसके बाहर हम प्रोटेस्ट कवर कर रहे थे। यहां पुलिस आई और कंपनी के अंदर जो अधिकारी थे उन्हें बाहर निकालने आई। उसी समय पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। हम उसकी रिकार्डिंग कर रहे थे। उन्होंने मजदूरों को गाड़ी में भरा। साकेत आनंद के ऊपर भी लाठी चलाई गई।
साकेत आनंद ने बताया कि इस पूरे इलाके में सुबह से प्रोटेस्ट चल रहा है। लगातार 3-4 दिन से प्रोटेस्ट चल रहा है। आज ILGIN कंपनी के बाहर प्रोटेस्ट चल रहा है। इसके सामने प्रोटेस्ट हुआ। बाहर आगजनी और तोड़फोड़ हुआ। जब हम वहां खड़े थे तब पुलिस आई। पपुलिस के लिए गेट खोला गया। अधिकारी अंदर फंसे थे। पुलिस के बनाए सेफ पैसेज से उन्हें बाहर लाया गया।
पुलिस ने वर्कर्स से बात करने की कोशिश की और हम जब उसे रिकार्ड कर रहे थे तो मीडिया को रिकार्ड करने से रोकागया। यानी जो मजदूरों से बात वो कर रहे थे उसे रिकार्ड करने से रोका जा रहा था। वर्कर्स बोल रहे थे कि हम नहीं थे फिर भी उनके साथ धक्का-मुक्की हुई। लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया। मैं भी वहीं था मेरे ऊपर भी जितेंद्र कुमार नाम के पुलिस कर्मी ने लाठी चला दी।
मैंने उनके बोला कि मेरे पास आई कार्ड है मैं मीडिया से हूं। उसके बावजूद वो खींचातानी करते रहे। हमारी साथी जिस्ट की पत्रकार थी उनके साथ भी खींचतान की गई। उसके बाद पुलिस ने लगातार जवाब मांगा गया कि आप माफी मांगिये ये जिस पुलिसकर्मी ने लाठी चलाई उसके खिलाफ एक्शन लीजिए, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ किया नहीं और लगातार वर्कर्स को वैन में ले जाया गया।
पता नहीं कहां ले जाया गया । हम सुबह से उसे कवर कर रहे थे जिस पुलिसकर्मी ने लाठी चलाई उसने भी हमें सुबह से देखा था कि हम मीडिया से हैं। हम कवर कर रहे हैं। पुलिसवाले भी हमसे बात कर रहे थे। लाठी चार्ज में भी हम दूर थे लेकिन फिर भी पुलिसकर्मी भागते हुए आया और सबसे पहले मीडियाकर्मी पर लाठी चलाई। लाठी चलाकर सबसे पहले गाड़ी की तरफ भागा।
लाठी चलाने के बाद बाकी पुलिसवाले इधर उधर मारपीट करते रहे,लेकिन जिस पुलिसवाले ने लाठी मारी वो गाड़ी में गया और वहां जो लोग थे मजदूरों से भी मारपीट करने लगा। हम मीडिया से हैं ये बताने के बावजूद वो कोशिश करते रहे कि हम कवरेज न करें। जो एक मैडम थी वो भी लगातार बोल रही थी कि आपलोग वीडियो बंद करें और यहां से जाइये।
प्रदर्शन कर रहे वर्कर्स को घसीटकर बस में डालकर हिरासत में लिया गया है। फैक्ट्री के लोगों को निकालने के लिए वर्कर्स से मारपीट भी की गई है।
हिंसक प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए…
नोएडा में प्रदर्शनकारियों ने एक कार शोरूम में आग लगा दी।
नोएडा में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च किया।
नोएडा के फेज-2 में मदरसन कंपनी के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी हिंसक हो गए।
गुस्साए कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। उसे पलट दिया।
कर्मचारियों ने पुलिस बल पर पत्थरबाजी की। काफी मशक्कत के बाद भीड़ को काबू किया जा सका।
गुस्साए लोगों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
कर्मचारियों ने नोएडा सेक्टर 15 और 62 में सड़क जाम की। बीच सड़क पर बैठकर कंपनियों के खिलाफ नारेबाजी की।
नोएडा सेक्टर-57 में कर्मचारियों ने कंपनियों के दफ्तर में तोड़फोड़ की।
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन, 50 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़: कर्मचारियों ने 10 गाड़ियां फूंकी, पथराव नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन सोमवार सुबह हिंसक हो गया। अलग-अलग इलाकों में गुस्साए कर्मचारियों ने 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों में पथराव किया। तोड़फोड़ की। हाथ में डंडे लेकर सैकड़ों पर कर्मचारी जुलूस निकाल रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वो रुकेंगे नहीं।
सबसे पहले हालात फेज-2 इलाके में खराब हुए। सुनवाई न होने से कर्मचारी उग्र हो गए। पथराव कर दिया। कई गाड़ियों और बसों को आग लगा दी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उनकी गाड़ी पलट दी। हालात बिगड़े तो कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने उन पर पथराव कर दिया। फिर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। पूरी खबर पढ़ें…
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