उज्जैन के नानाखेड़ा थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में इंदौर की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने शादी तय कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की ठगी की थी। गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी भी फरार है। यह खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की श्यामा मोगिया ने 11 अप्रैल 2026 को नानाखेड़ा थाने में शिकायत 153/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे अपने भाई की शादी के लिए लड़की की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान मंदसौर निवासी एक व्यक्ति ने उन्हें इंदौर में लड़की दिखाने का झांसा दिया। इंदौर में उनकी मुलाकात संगीता ठाकुर और ज्योति जाट से हुई। लड़की पसंद आने पर आरोपियों ने शादी तय करने के लिए फरियादी पक्ष से 1,50,000 रुपये ले लिए। पुलिस ने टीम गठित कर आरोपियों को पकड़ा पैसे लेने के बाद आरोपियों ने पीड़ित पक्ष को उज्जैन भेज दिया और खुद पीछे आने की बात कही। हालांकि, उज्जैन पहुंचने पर पूरा मामला सामने आ गया। कथित दुल्हन ज्योति जाट ने शादी से साफ इनकार कर दिया और बताया कि यह पूरा मामला ठगी का था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संगीता ठाकुर (पति नरेंद्र ठाकुर, 30 वर्ष, निवासी सूरज नगर, बंगाली चौराहा, इंदौर) और ज्योति जाट (पति धर्मेंद्र जाट, 21 वर्ष, निवासी पालदा नाका, इंदौर) को गिरफ्तार कर लिया।। भोले भाले लोगों को शादी का झांसा देता था इस गिरोह का तीसरा सदस्य कन्हा उर्फ कांजी कुमावत (निवासी रेवास देवड़ा, मंदसौर) अभी फरार है। पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह भोले-भाले लोगों को शादी का झांसा देकर पहले विश्वास में लेता था, फिर मोटी रकम लेकर फरार हो जाता था। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है
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