कैबिनेट मंत्री ने गेहूं खरीद के प्रबंधों की समीक्षा की:गुरदासपुर में मंडियों में मूलभूत सुविधाओं पर जोर, काम में तेजी लाने के निर्देश

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पंजाब के कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने गुरदासपुर में माज्हा जोन की एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक गेहूं की सरकारी खरीद के सुचारू प्रबंधों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें किसानों और मजदूरों की सुविधा हेतु कई अहम निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद को सफल बनाने के लिए प्रशासन सक्रिय है। इसी क्रम में, कैबिनेट मंत्री कटारूचक्क ने गुरदासपुर में उच्च अधिकारियों, लेबर कॉन्ट्रैक्टरों और ट्रांसपोर्ट प्रतिनिधियों के साथ विशेष चर्चा की।
खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की रणनीति पर विचार इस दौरान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। बता दे कि राज्य में पहली बार आढ़तियों, मजदूरों और ट्रांसपोर्ट पक्षों को सीधे तौर पर खरीद प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर आने वाली परेशानियों को दूर करना है।
बैठक में कई समस्याओं का हुआ समाधान मजदूरों की सुविधा और काम की गति बढ़ाने के लिए गोदामों को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रखने का निर्णय लिया गया है। इससे मंडियों में गेहूं का जमावड़ा नहीं होगा और मजदूरों को पर्याप्त कार्य समय मिलेगा। बैठक के दौरान विभिन्न सुझावों पर गौर किया गया और कई समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया। विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश इस बैठक में डिप्टी डायरेक्टर मैडम रजनीश कौर, पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर और तरनतारन के डीएसएफसी अधिकारी, तथा विभिन्न खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान और मजदूरों को समस्या नहीं होने के निर्देश सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंडी में आने वाले प्रत्येक किसान, मजदूर और आढ़ती को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए हैं। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फसल निश्चिंत होकर मंडियों में लाएं, क्योंकि उनकी उपज का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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