लुधियाना के कस्बा खन्ना में पुलिसकर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। जिला पुलिस ने अपने कर्मचारियों के लिए हफ्ते में एक दिन की छुट्टी (विकली आफ) की नीति लागू कर दी है। स्टाफ की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद एसएसपी (SSP) दर्पण अहलूवालिया ने पुलिस बल की मानसिक और शारीरिक सेहत को सुधारने के लिए यह प्रगतिशील कदम उठाया है। एसएसपी ने जारी किए आदेश: राउंड द क्लॉक ड्यूटी से मिलेगी राहत
एसएसपी दर्पण अहलूवालिया ने पुलिस अधिनियम, 1861 की धारा 22 के प्रावधानों के तहत विस्तृत आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही जिले के सभी 8 पुलिस स्टेशनों के एसएचओ (SHO) के लिए साप्ताहिक रोस्टर भी जारी कर दिया गया है। SHO बनाएंगे चार्ट
सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह का रोस्टर तैयार करें ताकि पुलिसिंग के काम में बाधा न आए। इमरजेंसी में बुलाने की शर्त:
यह साप्ताहिक अवकाश ‘लीव’ (छुट्टी) नहीं माना जाएगा। कर्मचारी अपने तैनाती स्थल पर ही रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति में उन्हें वापस ड्यूटी पर बुलाया जा सकेगा। स्टाफ कम, फिर भी वेलफेयर सर्वोपरि
खन्ना में फिलहाल करीब 700 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। वहीं थानों में 200 पुलिस कर्मी तैनात है। एसएसपी ने स्वीकार किया कि कम नफरी के साथ ड्यूटी मैनेज करना एक चुनौती है, लेकिन फोर्स की भलाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। क्यों पड़ी इस नीति की जरूरत?
वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय तक ड्यूटी करने से पुलिसकर्मी अपनी सेहत और परिवार को समय नहीं दे पाते। इससे अनुशासनहीनता और जनता के साथ व्यवहार में चिड़चिड़ापन आने की संभावना रहती है। कई पुलिस सुधार आयोगों ने भी कार्य घंटों को विनियमित करने और पर्याप्त आराम सुनिश्चित करने की सिफारिश की है। बैकअप प्लान भी तैयार
आदेश के अनुसार, जिस दिन एसएचओ साप्ताहिक अवकाश पर होंगे, उस दिन एडिशनल एसएचओ या अन्य नामित अधिकारी कार्यभार संभालेंगे। इससे प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी बिना किसी रुकावट के चलती रहेगी। SSP खन्ना दर्पण अहलूवालिया ने मीडिया से कहा कि लगातार और तनावपूर्ण ड्यूटी से थकान होती है, जिससे कार्यक्षमता और व्यवहार दोनों प्रभावित होते हैं। साप्ताहिक ब्रेक से कर्मचारियों को बेहतर मानसिक संतुलन और पारिवारिक जीवन जीने में मदद मिलेगी।
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