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कोटा शहर में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस मौके पर रंगबाड़ी बालाजी मंदिर से लेकर गोदावरी धाम तक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकडों श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा में संदीप शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। पूरे मार्ग में शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर और प्रसाद वितरित कर जुलूस का भव्य स्वागत किया। यात्रा के दौरान बालिकाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर सभी का मन मोह लिया। बालिकाओं ने तलवारबाजी के करतब दिखाए। इस भव्य आयोजन में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वानर सेना और अन्य कार्यकर्ता मोटरसाइकिलों पर भगवा ध्वज लेकर शोभायात्रा का नेतृत्व करते नजर आए। पूरे रास्ते हनुमान और श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। महिलाएं कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुई। शोभयात्रा में भजन मंडलिया भी शामिल रही तो ढ़ोल नंगाडे भी बजते रहे। पूरे आयोजन के दौरान शहर का माहौल भक्तिमय बना रहा। इधर, हनुमान मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हुआ। हनुमान चालीसा पाठ, रामायण पाठ मंदिरों में किए जा रहे हैं। 125 दीपकों के साथ भव्य महाआरती
छावनी में मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में भी विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। छावनी क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय माहौल में सराबोर है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ रही है। गुरुवार सुबह मंदिर में बजरंगबली का विधि-विधान से पंचामृत महाअभिषेक किया गया। इसके बाद मंशापूर्ण बालाजी का अलौकिक स्वर्ण श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिनभर भक्तों की लंबी कतारें दर्शन के लिए लगी रहीं। मंदिर परिसर में शाम को 125 दीपकों के साथ भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरा छावनी क्षेत्र भक्तिरस में डूब जाएगा। रात 9 बजे से विशाल भजन संध्या का आयोजन भी होगा, जिसमें भगवत सुथार अपनी मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर करेंगे। आयोजन की श्रृंखला में शुक्रवार को 32 जोड़ों का निशुल्क सर्वजातीय सामूहिक विवाह भी आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं के प्रसादी ग्रहण करने की व्यवस्था की गई है। वहीं इससे पहले इलाके में शोभायात्रा भी निकाली गई जिसमें बडी संख्या में महिलाएं कलश लेकर शामिल हुई। भक्त भक्ति गीतों पर नाचते गाते चल रहे थे।
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