गोरखपुर में मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत‘बहू-बेटी सम्मेलन’ का आयोजन कर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस अभियान के जरिए खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं को जागरूक बनाने का काम किया जा रहा है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और जरूरत पड़ने पर मदद ले सकें। अभियान के तहत महिला पुलिस टीम गांव-गांव पहुंच रही है और महिलाओं व बालिकाओं से सीधे बातचीत कर रही है। इस दौरान उन्हें आसान भाषा में बताया जा रहा है कि किसी भी तरह की समस्या या अपराध की स्थिति में क्या करना चाहिए और कहां शिकायत करनी चाहिए। पुलिस ने उन्हें साइबर अपराध, धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल से बचने के तरीके भी समझाए। घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ के मामलों में क्या करें सम्मेलन में महिलाओं को यह भी बताया गया कि घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि तुरंत आवाज उठाएं। उन्हें कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देते हुए समझाया गया कि कानून उनके साथ है और पुलिस हर समय मदद के लिए तैयार है। कार्यक्रम के दौरान 1090, 181 और 112 जैसे जरूरी हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया गया। महिलाओं को यह समझाया गया कि इन नंबरों पर कॉल करके वे तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग से मदद ले सकती हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि शिकायत करने पर उनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए किया प्रेरित महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उनसे जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। बताया गया कि इन योजनाओं का लाभ लेकर वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं और अपने परिवार को बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक रहने, अपने अधिकारों को समझने और किसी भी गलत घटना के खिलाफ आगे आकर शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि किसी भी समस्या में वे अकेली नहीं हैं और प्रशासन हर समय उनके साथ खड़ा है।
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