ग्वालियर जिला हज कमेटी ने हज यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद नासिर हुसैन ने बताया कि जो यात्री किसी कारणवश अपनी अंतिम किस्त जमा नहीं कर पाए हैं, वे अब 6 अप्रैल तक ऑनलाइन या बैंक के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। इस घोषणा के बाद ग्वालियर राजमाता विजयराजे सिंधिया टर्मिनल एयरपोर्ट पर दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है। हालांकि, दिल्ली की उड़ानों में कटौती के चलते यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि उड़ानों की संख्या बढ़ती है, तो ग्वालियर से दिल्ली जाने वाले यात्रियों में और भी इजाफा हो सकता है। सऊदी करेंसी के लिए जमा करनी होगी राशि सऊदी करेंसी (रियाल) प्राप्त करने की व्यवस्था एसबीआई महाराज बाड़ा शाखा पर की गई है। इसके लिए यात्रियों को अपना पासपोर्ट, वीजा की फोटोकॉपी और एसबीआई की पासबुक या चेक साथ ले जाना होगा। यदि यात्री का अपना खाता एसबीआई में नहीं है, तो वे परिवार के किसी सदस्य के खाते के माध्यम से भी राशि जमा कर रियाल प्राप्त कर सकते हैं। इस वर्ष हज कमेटी ने नियमों में बदलाव करते हुए अग्रिम रूप से पासपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया समाप्त कर दी है। अब यात्रियों को अपना पासपोर्ट, वीजा और फ्लाइट बुकिंग की हार्ड कॉपी प्रस्थान वाले शहर के हज हाउस में उड़ान से 24 घंटे पूर्व जमा करनी होगी। कुल 47 किलो सामान ले जा सकेंगे ग्वालियर के हज यात्रियों का सफर 20 अप्रैल को मुंबई से मदीना की उड़ान के साथ शुरू होगा। वहीं, भारत से पहली उड़ान 18 अप्रैल को रवाना होगी। ग्वालियर के अंतिम यात्री (20 दिवसीय हज के लिए) 20 मई को दिल्ली से जेद्दाह के लिए प्रस्थान करेंगे। सभी यात्रियों को अपनी फ्लाइट से कम से कम 2 दिन पूर्व हज हाउस में रिपोर्ट करना अनिवार्य है। यात्रियों को कुल 47 किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति होगी। इसमें दो बैगेज में 20-20 किलोग्राम और हैंडबैग में 7 किलोग्राम तक सामान अलाउ रहेगा।
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