नागौर जिले में मौसम के बिगड़े मिजाज की वजह से करोड़ों का नुकसान व्यापारियों उठाना पड़ा है। नागौर जिले में अल सुबह से शुरू हुई बारिश की वजह से नागौर और मेड़ता मंडियों में करोड़ों की कीमत की उपज बर्बाद हो गई है। सुबह हुई तेज बारिश की वजह से मेड़ता सिटी की कृषि उपज मंडी में तक़रीबन 80 हजार बोरी उपज पुरी तरह से बर्बाद हो गई है।
पहले तस्वीरों से समझिए मौसम की मार…
मेड़ता और नागौर कृषि मंडी में खुले में रखी गई यह फसली उपज बरसात की भेंट चढ़ गई, जिसकी वजह से करोड़ों का नुकसान किसानों और व्यापारियों को झेलना पड़ रहा है। मेड़ता मंडी में तक़रीबन 30 हजार बोरियां बारिश में भीगकर खरं हो गई तो नागौर में 50 हजार से अधिक बोरियां बरसात की भेंट चढ़ गई। स्थानीय व्यापारियों और किसानों का कहना है कि सेड की कमी के कारण उनकी उपज खुले में ही रखी हुई थी। जो बरसात की वजह से बर्बाद हो गई, जिसकी वजह से उन्हें भारी नुकशान का सामना करना पड़ रहा है। दोनों मंडियों को मिलाकर यह नुकशान तक़रीबन 35 करोड़ का आंका जा रहा है। वहीं किसानों को बारिश की वजह से दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। जिन किसानों की फसल कट कर मंडी पहुंची वह मंडी में बारिश की वजह से ख़राब हो गई और जो फसलें खेतों में पककर तैयार खड़ी है या कटाई कर ली गई है वो खेतों में बारिश की भेंट चढ़ गई। आज सुबह से जारी बारिश की सबसे ज्यादा मार किसानों को झेलनी पड़ रही है। बारिश की वजह से खेत में पड़ी फसलें पुरी तरह से चौपट हो गई है। आज नागौर और डीडवाना कुचामन जिले में मौसम विभाग की तरफ से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। जिसका असर सुबह 9 बजे से ही दिखना शुरू हो गया था। जिले में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से सुबह नो बजे बारिश का दौर अलग अलग क्षेत्रो में शुरू हो गया। नागौर जिले के डेगाना में जहां औलावृष्टि हुई तो डीडवाना के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। नावां क्षेत्र में तक़रीबन तीन घंटे तक जोरदार बारिश हुई। डीडवाना के बांठड़ी और रणसिसर क्षेत्र में भारी बारिश के चलते, गेहूं और सोंफ की फसलों को भारी नुकशान हुआ है। किसान धन्नाराम के अनुसार तीन दिन पहले हुई औलावृष्टि से फसल को जो नुकशान हुआ था उसके बाद आज सुबह हुई बारिश ने सब कुछ ख़त्म कर दिया। फसल पुरी तरह से चौपट हो गई है। नागौर में सुबह हुई बारिश के बाद दिनभर मौसम साफ रहा लेकिन शाम होते होते एक बार फिर मौसम ने पल्टी मार ली। डेगाना के जाखेड़ा में तूफानी हवाओं के कारण एक दर्जन से ज्यादा बिजली के पोल गिर गए हैं जबकि सेंकड़ों की संख्या में पेड़ों के गिरने की भी सूचना है वहीं तूफानी हवाओं कक वजह से लोगों के टिन टप्पर भी उड़ गए हैं। तारीबन एक घंटे तक पहले औलावृष्टि और बाद में भारी बारिश की वजह से क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्तव्यस्त है। कई ग्रामीण इलाकों में शाम 5 बजे बाद से बत्ती भी गुल है।
नागौर शहर में शाम 8:30 बजे यहां तूफानी हवाओं ने फिर से दस्तक दीहै और आसमान में घने बादलों की आवजाही बनी हुई है। बिजलियों के कड़कने के साथ यहां फिर से भारी बारिश शुरू हो सकती है। डीडवाना रात 9 बजे में फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया है जबकि नागौर के रियां बड़ी में दोपहर में ओले गिरने के बाद अभी मूसलाधार बारिश जारी है।
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