पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के यारपुर स्थित कैलाश अपार्टमेंट में रहने वाले एक युवक के साथ बंधक बनाकर मारपीट की गई है। युवक की पहचान प्रदीप पाठक के तौर पर हुई है, जो ओला कंपनी में ड्राइवर है। फिलहाल युवक को सकुशल पुलिस ने बरामद कर लिया है। घटना में शामिल दो आरोपियों को अरेस्ट किया गया है। पीड़ित प्रदीप पाठक मूल रूप से झांसी थाना नारायणपुर का रहने वाला है। फिलहाल पूरी फैमिली यारपुर में रहती है। 29 मार्च की रात घर में आकर अगवा किया पीड़ित के पिता जागेश पाठक ने बताया कि 29 मार्च की रात 10 बजे प्रदीप पाठक यारपुर स्थित कैलाश अपार्टमेंट की फ्लैट संख्या 103 में हम लोगों के साथ मौजूद था। इसी बीच मेरे गांव के अयोध्या राय के दामाद इंदु भूषण सिंह मेरे घर पर आए और मेरे पुत्र को मिलने का बहाना करके अगवा कर लिया। अपनी थार गाड़ी से लेकर चले गए। अपने घर पर ले जाकर भाई शशि भूषण सिंह के साथ मिलकर जान मारने की नीयत से मेरे बेटे की बुरी तरह से पिटाई की। सोने की चेन अंगूठी और ₹20000 छीन लिए। मेरे बेटे ने इसी बीच मुझे कॉल कर दिया। घटना के बारे में बताया तो मैं कंकड़बाग थाने को कॉल किया। पुलिस और हम लोग खोज रहे थे। इस दौरान मेरा बेटा लहूलुहान स्थिति में राजेंद्र नगर के पास मिला। वहां से हम लोगों ने पुलिस की मदद से लाकर ट्रीटमेंट कराया। आपसी विवाद में निकाला खुन्नस पुलिस सूत्रों की माने तो थार गाड़ी से अगवा करने के बाद इंदु भूषण सिंह बहादुरपुर थाना अंतर्गत संदलपुर स्थित अपने घर पर ले गया। वहां पर कमरे में बंधक बनाकर प्रदीप के साथ मारपीट की। दरअसल इंदु भूषण सिंह और उसके परिजन प्रदीप पाठक से नाराज थे। क्योंकि प्रदीप बार-बार कभी भी पति-पत्नी में विवाद होता था, तो पत्नी के मायके पक्ष की ओर से खड़ा हो जाता था। युवक को जख्मी हालत में बरामद किया गर्दनीबाग थानेदार प्रमोद कुमार ने बताया कि वादी जागेश पाठक के द्वारा सूचना दी गई कि कुछ लोगों के द्वारा उनके बेटे को गाड़ी में बैठाकर ले गए हैं। इस सूचना के आधार पर जगह-जगह की तलाशी की गई और उनके पुत्र को जख्मी हालत में बरामद किया गया। इसके बाद उनका इलाज कराया गया। इस संबंध में इंदु भूषण ठाकुर और अमित ठाकुर को अरेस्ट कर के न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
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