संसद के बजट सत्र के दौरान झुंझुनूं सांसद बृजेन्द्र ओला ने क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकने के लिए उचित संसाधनों और सुविधाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की कि झुंझुनूं की खेल विरासत को देखते हुए यहां उच्च स्तरीय संस्थान स्थापित किए जाएं। हरियाणा के बाद शेखावाटी का नंबर”: खेल क्षमता पर दिया जोर
सांसद ओला ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र और विशेष रूप से झुंझुनूं जिला खेलों के मामले में देश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने कहा, खेलों के मामले में हम हरियाणा के बाद दूसरे नंबर पर आते हैं। हमारे युवाओं में अपार क्षमता है, बस उन्हें सही दिशा और संसाधनों की दरकार है।
पदक वीरों की धरती के लिए मांगी सौगात
सांसद ने सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि झुंझुनूं देश की सेना में सबसे अधिक जवान भेजने वाले जिलों में शुमार है। उन्होंने कहा कि सेना में जाने वाले ये जवान न केवल सीमा की रक्षा करते हैं, बल्कि ओलंपिक, एशियाई खेल (Asiad) और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक भी जीतते हैं। इन प्रतिभाओं को तराशने के लिए स्थानीय स्तर पर सुविधाओं का अभाव एक बड़ी बाधा है। खेल विश्वविद्यालय या पटियाला की तर्ज पर संस्थान
बृजेन्द्र ओला ने सरकार के सामने दो विकल्प रखे है। शेखावाटी की प्रतिभाओं के विकास के लिए झुंझुनूं में एक केंद्रीय खेल विश्वविद्यालय खोला जाए। यदि विश्वविद्यालय संभव न हो, तो पटियाला के ‘राष्ट्रीय खेल संस्थान’ (NIS) की तर्ज पर झुंझुनूं में एक बड़ा खेल केंद्र स्थापित किया जाए।
युवाओं को मिलेगा रोजगार और नया मंच सांसद ने विश्वास जताया कि यदि झुंझुनूं में इस तरह के बड़े संस्थान खुलते हैं, तो क्षेत्र की प्रतिभाएं और अधिक निखरकर सामने आएंगी। इससे न केवल खेलों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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