जालोर में झांसा देकर फर्जी नौकरियां बांटने वाले आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले खुद को जयपुर नगर निगम और डीएलबी से जुड़ा बताता था, फिर युवाओं से लाखों रुपए वसूलता था। रकम लेने के बाद वह ईमेल के जरिए फर्जी जॉइनिंग लेटर भेजता था। शहरी आजीविका केंद्र जैसे स्थानों पर उन्हें बैठाकर नौकरी का भरोसा दिलाता रहता था। आरोपी राकेश जीनगर चार साल से ठगी का गिरोह चला रहा था। जालोर, पाली और सिरोही जिलों के सैकड़ों युवाओं से ठगी कर चुका है। 3 से 10 लाख रुपए ऐंठता था। पाली का रहने वाला, जालोर में बना रखा था ठिकाना
आरोपी राकेश जीनगर पुत्र पुखराज जीनगर मूल रूप से पाली जिले के तखतगढ़ का निवासी है। फिलहाल वह जालोर जिले के रतनपुरा रोड स्थित शकर वाटिका के पास रह रहा था और खुद को शहरी आजीविका केंद्र में योजना प्रभारी बताता था। रिपोर्ट के बाद गिरफ्तारी
27 मार्च को हरियाली निवासी मुकेश, रणछोड़ और रितिक ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रितिक से 10 लाख रुपए, जबकि मुकेश और रणछोड़ से 3-3 लाख रुपए की ठगी की थी। फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बैठाया, डेढ़ साल तक नहीं दिया वेतन
रिपोर्ट में बताया था कि जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली तो पीड़ितों के दबाव बनाने पर आरोपी ने जयपुर नगर निगम के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर दिया। इसके बाद जालोर के लालपोल स्थित शहरी आजीविका केंद्र में पीड़ितों को बैठा दिया गया, जहां उन्हें करीब डेढ़ साल तक बिना वेतन और बिना काम के रखा गया। — यह खबर भी पढ़े… जालोर में 4 साल से बांट रहा था फर्जी नौकरियां:अब तक 30 पीड़ितों को ठगा, 200 लोगों से करोड़ों रुपए वसूले
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