बरनाला की एक अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में एक प्रसिद्ध फर्म के मालिक को एक साल कैद की सजा सुनाई है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार की अदालत ने आरोपी को हर्जाना भरने का भी आदेश दिया है। यह फैसला पीड़ित की मृत्यु के बाद आया, जिसके बाद उसके परिवार ने कानूनी लड़ाई जारी रखी। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि उधार की राशि का भुगतान समय पर नहीं किया गया, तो दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। यह मामला तीन साल से अधिक समय तक चला। वरिष्ठ वकील यादविंदर गोयल ने बताया कि फरवाही बाजार निवासी वलैती राम बंसल ने दिसंबर 2018 में सोहन लाल कंसल से नौ लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। वलैती राम ने तीन साल तक ब्याज का भुगतान किया। अंततः, वलैती राम ने 10 नवंबर 2022 को नौ लाख रुपये का चेक सोहन लाल को सौंपा। जब सोहन लाल ने दिसंबर 2022 में बैंक में चेक जमा किया, तो वह बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया चेक बाउंस होने और कानूनी नोटिस का जवाब न मिलने पर सोहन लाल ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद, अदालत ने वकील यादविंदर गोयल की दलीलों को स्वीकार करते हुए वलैती राम बंसल को दोषी ठहराया। इस मामले का एक भावुक पहलू यह रहा कि जिस पीड़ित सोहन लाल ने न्याय के लिए संघर्ष शुरू किया था, वह अदालत का यह फैसला नहीं देख सका। सुनवाई के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी मौत के बाद, उनकी विधवा और बच्चों ने इस कानूनी लड़ाई को जारी रखा और अंततः उन्हें इंसाफ मिला।
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