शेखपुरा में बुधवार शाम अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में बाल विवाह पर रोक, अक्षय तृतीया के अवसर पर विशेष निगरानी और परवरिश योजना से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में आगामी अक्षय तृतीया को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह की रोकथाम के लिए विशेष रणनीति पर चर्चा की गई। अनुमंडल पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रखंड और पंचायत स्तर पर निगरानी टीमों का गठन कर संभावित स्थलों, विवाह मंडपों और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस अवसर पर किसी भी स्थिति में बाल विवाह नहीं होने दिया जाए और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए सीडीपीओ को निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं और जीविका समूहों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसका उद्देश्य आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना है। परवरिश योजना की समीक्षा के दौरान, लाभुकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने, लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और पात्र बच्चों को चिन्हित कर योजना से जोड़ने का निर्देश दिया गया। साथ ही, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमित अनुश्रवण पर भी बल दिया गया। बच्चों और किशोरियों पर विशेष निगरानी रखी जाए बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विद्यालय छोड़ चुके बच्चों और किशोरियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसके अलावा, बाल संरक्षण से संबंधित सभी इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाए। अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है। इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी और संबंधित प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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