भिंड जिले के अटेर थाना क्षेत्र के परा गांव में चार दिन पहले हुई मारपीट की घटना ने रविवार को तूल पकड़ लिया। लाठी-डंडों से पिटाई में गंभीर रूप से घायल 80 वर्षीय बुजुर्ग श्रीपाल रघुवंशी की ग्वालियर में उपचार के दौरान रविवार को मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने गांव में अटेर-भिंड मार्ग पर करीब तीन घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, चार दिन पहले पड़ोस में रहने वाले दिनेश, आकाश, नीरज, बृजेश, मुनेन्द्र और राजेन्द्र रघुवंशी के साथ विवाद के दौरान बुजुर्ग श्रीपाल रघुवंशी की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी गई थी। इस झगड़े में दोनों पक्षों के करीब दर्जनभर लोग घायल हुए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज की थी। मारपीट में श्रीपाल के सिर में गंभीर चोट आई थी, जिन्हें पहले भिंड और बाद में ग्वालियर रेफर किया गया। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन शव लेकर दोपहर करीब 3:30 बजे गांव पहुंचे, तो उन्होंने अटेर-भिंड रोड पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी तीन घंटे सड़क पर बैठे रहे एएसआई को हटाने की मांग की
प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए अटेर थाने में पदस्थ एएसआई हुकम सिंह को हटाने की मांग की। उनका कहना था कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई और आरोपियों पर हल्की धाराएं लगाई गईं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा दबाव और पैसों की मांग की जा रही थी। जाम की सूचना मिलते ही अटेर और सुरपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब तीन घंटे बाद परिजन माने और जाम समाप्त कर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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