मोतिहारी में जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया और नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने सरमा के बयान को अभद्र और घृणित बताया। विरोध प्रदर्शन के बाद जिलाध्यक्ष प्रो. अखिलेश दयाल ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे देश के प्रमुख दलित चेहरों में से एक हैं। उनके खिलाफ इस प्रकार का जातिसूचक बयान देना न केवल उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है। ”बयानबाजी से भाजपा की मानसिकता उजागर होती” प्रो. दयाल ने आगे कहा कि इस तरह की बयानबाजी से भाजपा की मानसिकता उजागर होती है और जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि असम में भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बन रहा है, जिससे मुख्यमंत्री की बौखलाहट साफ झलक रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कांग्रेस की सरकार बनेगी। ”देश की जनता ऐसे बयानों को कभी माफ नहीं करेगी” वहीं, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिट्टू यादव ने भी मुख्यमंत्री के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे बयानों को कभी माफ नहीं करेगी। यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता लगातार दलित समाज का अपमान कर रहे हैं, जिसका जवाब उन्हें चुनाव में मिलेगा। इस विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेसी मुमताज अहमद, संजीव सिंह उर्फ टुन्नी सिंह, चुमन जयसवाल, अखिलेश्वर मिश्रा, गुंजन मिश्रा, राहुल शर्मा और युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव प्रीतम अग्रवाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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