राणीसती दादी के मंगल पाठ का आयोजन:धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति से जोड़ना रहा उद्देश्य




जयपुर में तनधन दास देवसर ट्रस्ट की संस्थापक आशा रमेश चंद गुप्ता और सरोज माधोपुरिया के सानिध्य में शनिवार को जयपुर में राणीसती दादी के मंगल पाठ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो गया। कार्यक्रम के दौरान राणीसती दादी की अनन्य भक्त आशा रमेश चंद गुप्ता ने सभी भक्तों को दादी का आशीर्वाद प्रदान किया और श्रद्धा भाव से दादी को चुनरी अर्पित की। इस अवसर पर आशा रमेश चंद गुप्ता ने कहा कि रानी सती दादी मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि दादी ने मात्र 16 वर्ष की आयु में सती होकर त्याग और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। बताया कि दादी का मूल स्थान भिवानी में माना जाता है, जबकि मुख्य मंदिर झुंझुनूं में स्थित है, जहां दर्शन मात्र से जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से राणीसती दादी की आराधना की और मंगल पाठ का आनंद लिया। वहीं कार्यक्रम की आयोजक सरोज माधोपुरिया ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में हम अपनी परंपराओं और संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं, जो आने वाली पीढ़ी के लिए चिंता का विषय है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में धार्मिक जागरूकता और संस्कारों का संचार होता है। उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान में खाटू श्याम मंदिर, सालासर बालाजी मंदिर और झुंझुनू की राणीसती दादी जैसे पवित्र धामों में देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और वहां की भक्ति से मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *