मेरठ के सेंट्रल मार्केट में गुरुवार को बाजार बंद के दौरान खाने के पैकेट बांटने को लेकर विवाद हो गया। संयुक्त व्यापार संघ के आह्वान पर व्यापारी प्रदर्शन कर रहे थे, तभी समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने स्टिकर लगे खाने के पैकेट बांटे। सपा का स्टिकर लगे पैकेट देखकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने इसे राजनीति करार देते हुए पैकेट फेंकना शुरू कर दिया, जिससे भाजपा और सपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और उनके बीच तीखी बहस हुई।
हम पहले ही परेशान, प्लीज़ राजनीति बंद करें
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने भी खाने के पैकेट पर स्टिकर लगे होने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारी एकजुट हैं और यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई राजनीतिक दल यहां राजनीति करेगा तो सभी व्यापारी मिलकर उसका विरोध करेंगे। व्यापारियों ने हंगामा कर रहे राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारी से कहा कि पहले ही हम बहुत परेशान है। प्लीज यहां पर राजनीति करना बंद करें। यदि आपको हमारे दुख में शामिल होना है तो बिना राजनीति के ही आवाज विकास परिषद के अधिकारियों पर कार्रवाई कराए। सपा के जिला सचिव, वरिष्ठ नेता और युवा नेता के नाम के लगे थे स्टीकर
सेंट्रल मार्केट में प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों के लिए लाए गए खाने के पैकेट पर समाजवादी पार्टी के जिला सचिव त्रिलोचन सिंह उर्फ बिट्टू, वरिष्ठ नेता विजय राठी और सुखविंदर सिंह के पोस्टर लगे थे। इन पैकेटों को देखकर भाजपाई नाराज हो गए और उन्होंने व्यापारियों से पैकेट वापस लेने को कहा। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी सफाई में कहा कि वे और उनकी पार्टी व्यापारियों के साथ हैं। उनका कहना था कि इस मुश्किल घड़ी में वे व्यापारियों के लिए खाना ला सकते हैं, लेकिन भाजपा की ‘गलत मानसिकता’ के कारण हंगामा हुआ। समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी कृष्णपाल सिंह का कहना है कि समाजवादी पार्टी केवल परेशान व्यापारियों के लिए खाना और पानी लेकर आई थी। भाजपा के लोगों ने खाना और पानी फेंक दिया। इन्हीं की वजह से सेंट्रल मार्केट का यह हाल हुआ है। कहा कि इसका बदला जनता 2027 के चुनाव मेंलेगी।
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