उदयपुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। FIR दर्ज होने के अगले ही दिन पुलिस ने ससुराल पक्ष की भूमिका की जांच की और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, पुलिस कार्रवाई में देरी से नाराज़ मायके वालों ने एक सप्ताह तक थाने का घेराव किया था। प्रतापनगर थाना क्षेत्र के बेड़वास में 2 अप्रैल को विवाहिता की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। प्रतापनगर थानाधिकारी पूरण सिंह ने बताया कि परिजनों के आरोपों के बाद मामले की जांच की गई। परिजनों द्वारा दिए गए सबूतों के आधार पर भावना के पति हेमेन्द्र सिंह (22) को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ जारी है। विवाहिता की मौत के बाद से ही वल्लभनगर के मंदेरिया गांव में रहने वाले मायके वाले पति और ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि पति के किसी अन्य युवती से संबंध थे। जब बेटी ने मोबाइल पर चैट देखकर इसका विरोध किया तो आरोपी उसे प्रताड़ित करने लगा। बेटी के शरीर पर मारपीट के निशान पाए गए थे। गुस्साए राजपूत समाज ने किया था थाने का घेराव थाने के बाद घेराव करते हुए पुलिस के टालमटोल रवैये के बाद राजपूत समाज के संगठनों के बैनर तले महिलाओं ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। 2 घंटे के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जल्द निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। भावना की शादी 13 महीने पहले बेड़वास के हेमेन्द्र सिंह से हुई थी।जानकारी के अनुसार, बेड़वास क्षेत्र की रहने वाली भावना कुंवर (19) पत्नी हेमेन्द्र सिंह को 2 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने के बाद निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। हर पक्ष ने हत्या की आशंका जताई और एमबी हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम करवाया। मौत के बाद से लगातार पीहर पक्ष भावना के पति हेमेन्द्र सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने पर अड़ा था, मगर प्रतापनगर पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। भावना को टॉर्चर करता था पति भावना के भाई अर्जुन सिंह ने बताया- हेमेन्द्र का किसी युवती से दोस्ती थी। इस कारण वह झगड़ा करता था। लगातार नशे की हालत में भावना के साथ मारपीट करके टॉर्चर करता था। भावना को पीहर पक्ष में भी किसी से भी बात नहीं करने देता था। कई बार परिजनों ने आपसी समझाइश कर यह मामला शांत करवाया था। भावना के चाचा लालसिंह ने बताया- 1 और 2 अप्रैल को भावना के साथ मारपीट की गई। भावना ने हेमेन्द्र के फोन में लड़कियों से की जा रही चैट को देख लिया था। परिजनों को बताया तो हेमेन्द्र ने टॉर्चर करना शुरू कर दिया था। लालसिंह ने बताया- भावना के तबीयत बिगड़ने के दिन भी हमने लगातार फोन किए, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। पड़ोसियों से पता लगा कि उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाया है। जब तक हम लोग पहुंचे तो भावना होश में नहीं थी, उसके गले और हाथ-पांव पर मारपीट के निशान थे। हेमेन्द्र ने हमसे कुछ बात नहीं की और उसके परिजन भी मामले को दबाते रहे। भावना के पिता केसर सिंह ने बताया- मौत के बाद एमबी हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम करवाया था।
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