MP High Court Nursing Recruitment Contradiction



मप्र हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर पदों की भर्ती से जुड़ी याचिका पर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पाया कि भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट विरोधाभास है, जिससे प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण प्रतीत होती है।

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जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर श्रेणी में आवेदन करने की अनुमति दी जाए और संबंधित विभाग उनके आवेदन स्वीकार करे। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन पदों पर होने वाला कोई भी चयन अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विज्ञापन के एक भाग में पुरुष और महिला दोनों अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जबकि अन्य भाग में आरक्षण संबंधी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इस विरोधाभास को देखते हुए कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान की।

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा होती है, तो याचिकाकर्ताओं के आवेदन ऑफलाइन माध्यम से भी स्वीकार किए जाएं। प्रकरण में प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नियत समय में जवाब प्रस्तुत नहीं होने की स्थिति में याचिका स्वतः निरस्त मानी जाएगी। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट जीतेन्द्र वर्मा ने पैरवी की।

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