सहरसा के DRDA निदेशक वैभव कुमार के कई ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मंगलवार सुबह एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
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सूत्रों के अनुसार, वैभव कुमार के खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। गुप्त जांच में सामने आया कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।
ITI कॉलेज पर कर रही छापेमारी
पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद EOU ने मामला दर्ज कर सहरसा स्थित उनके किराए के आवास (नया बाजार सराही मोड़ के समीप) पर छापा मारा। टीम सहरसा के साथ-साथ मुजफ्फरपुर में भी उनके पैतृक आवास (मिश्रा मनियारी), NH-28 के पास स्थित निजी ITI कॉलेज और अन्य संबंधित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
डीआरडीए के घर पुलिस बैठी है।
2 साल से डीआरडीए के रूप में कार्यरत
बताया जा रहा है कि ITI कॉलेज का संचालन उनके छोटे भाई द्वारा किया जाता है। वैभव कुमार बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से चयनित अधिकारी हैं। वह पहले कई जिलों में BDO के पद पर कार्य कर चुके हैं और सहरसा में बीते दो साल से डीआरडीए निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।
उनके परिवार का भी प्रभावशाली पृष्ठभूमि है। उनके पिता मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जबकि उनकी पत्नी प्राध्यापिका हैं।
छापेमारी के दौरान बैंक खातों, जमीन की डीड, निवेश और संभावित बेनामी संपत्तियों से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।