अलवर के रामगढ़ में रेलवे ओवरब्रिज के लिए जमीन आवप्ति की सुनवाई के दौरान कुछ लोगों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने सुनवाई के दौरान चोर…चोर…के नारे लगाए। लोगों का कहना था कि सुनवाई के दौरान एनएचएआई के एक अधिकारी को एसडीएम के साथ वाली कुर्सी पर बैठाया गया था। एनएचएआई इस मामले में विपक्षी पार्टी है। ऐसा करने से सुनवाई प्रभावित होती है। इधर…एसडीएम ने रामगढ़ थाने में चार नामजद समेत अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और छवि खराब करने के प्रयास की रिपोर्ट दी है। घटना 2 अप्रैल गुरुवार की है। इसका वीडियो भी सामने आया है। ओवरब्रिज की जगह अंडरपास और बायपास की मांग कर रहे थे लोग रामगढ़ बचाओ संघर्ष समिति के एडवोकेट संदेश खंडेलवाल ने बताया-रामगढ़ में नेशनल हाईवे-248 (अलवर-दिल्ली ) पर रेलवे फाटक के ऊपर से ओवरब्रिज बनाया जाना है। रामनगर से निवाली तक सड़क के दोनों ओर चिन्हीकरण किया जा चुका है। हमें आशंका है कि इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत केंद्र बिंदु से लगभग 75 मीटर तक भूमि अधिग्रहण का प्रावधान लागू हो सकता है। इससे बड़ी संख्या में दुकानदारों, मकान मालिकों और व्यापारियों के प्रभावित हो सकते है। हम एक महीने से ओवरब्रिज का विरोध कर रहे हैं। इसकी जगह अंडरपास और कस्बे के बाहर बाइपास बनाया जाना चाहिए। आपत्ति पर सुनवाई के लिए एसडीएम ने बुलाया था संदेश खंडेलवाल ने बताया- हमने 10 मार्च को एसडीएम बाबूलाल वर्मा को ज्ञापन देकर जमीन आवप्ति को लेकर आपत्ति दी थी। इसके बाद एसडीएम ने 2 अप्रैल को आपत्तियों की सुनवाई का समय तय किया। एसडीएम ने इसके लिए NHAI अधिकारी को भी बुलाया था। NHAI की ओर से AEN एसडीएम ऑफिस पहुंचे थे। लोगों की भीड़ के कारण एसडीएम ने कोर्ट रूम में सुनवाई करना तय किया। जब हम कोर्ट रूम के अंदर गए तो NHAI के अधिकारी को एसडीएम के साथ कुर्सी पर बैठाया गया था, जबकी आपत्ति करने वाले सभी लोग नीचे खड़े थे। इसी कारण लोगों ने इसका विरोध किया। क्योंकि मामले में NHAI विपक्षी पार्टी है। कोर्ट रूम में वीडियो बनाना और वायरल करना गलत-SDM मामले में एसडीएम ने आरोपों का खंडन किया है। एसडीएम ने कहा कि संबंधित अधिकारी आपत्तिकर्ताओं के तकनीकी बिंदुओं को समझाने के लिए मौजूद थे। कुछ लोगों ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। कोर्ट रूम में वीडियो बनाना और उसे वायरल करना कानूनी अपराध है, जिसके आधार पर मैंने थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी डीएसपी पिंटू कुमार और थानाधिकारी अजीत बड़सरा ने बताया- SDM ने चार नामजद संजय कुमार अग्रवाल, पुनीत मेंहदीरता, मनीष खंडेलवाल और अमित सहानी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की जांच एसआई दयाचंद को सौंपी गई है।
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