जयपुर शहर में यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत ट्रैफिक पुलिस में टीआई से लेकर एडिशनल डीसीपी के पदों में बढ़ोतरी की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस बेड़े के ट्रैफिक इंस्पेक्टर्स को 20 मॉडिफाइड बाइक मिलेंगी। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की वर्दी का रंग भी बदलेगा। अभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की शर्ट व्हाइट और पेंट नीले कलर की है। इतना ही नहीं ट्रैफिक की निगरानी एवं जाम की स्थिति का आकलन करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने देश के प्रमुख महानगरों की यातायात व्यवस्थाओं का अध्ययन एवं फील्ड विजिट किया। इसके बाद समीक्षा कर व्यापक सुधार की रूपरेखा बनाई है। इस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को चरणबद्ध रूप से शहर में लागू किया जाएगा। यादगार से सांगानेर तक बनेगा मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोर
प्लान के तहत शुरुआती चरण में टोंक रोड को यादगार से सांगानेर तक मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर नगर निगम और जेडीए के को-ऑर्डिनेशन से अलग-अलग काम करवाए जाएंगे। इसमें सड़क डिजाइन में आवश्यक सुधार करते हुए असुरक्षित कट्स (मीडियन ओपनिंग) को बंद किया जाएगा। वहीं पैदल यात्रियों के लिए सेफ फुटपाथ का निर्माण, यू-टर्न और क्रॉसिंग पॉइंट्स के टेक्निकली कार्य शामिल किए जाएंगे। ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग को भी रीयल टाइम ट्रैफिक प्रेशर के अनुसार डायनेमिक बनाया जाएगा। ट्रैफिक इंस्पेक्टर्स को मिलेंगी मॉडिफाइड बाइक
जयपुर ट्रैफिक पुलिस के बेड़े में 20 मॉडिफाइड बाइक भी शामिल होंगी। यह बाइक ट्रैफिक इंस्पेक्टर्स को मिलेंगी। इन्हें विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इससे ट्रैफिक इंस्पेक्टर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तेज मूवमेंट कर सकेंगे। ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। इसमें अभय कमांड सेंटर से जुड़े अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की स्थापना शामिल है। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। ट्रैफिक पुलिस में पहले से ज्यादा अधिकारी
नए प्लान के तहत ट्रैफिक पुलिस के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव होगा। अब जयपुर शहर में अब एडीसीपी (ट्रैफिक) के पदों की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 की जाएगी। इससे जयपुर शहर के प्रत्येक पुलिस जिले में 1 एडीसीपी (ट्रैफिक) की तैनाती सुनिश्चित होगी। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और बेहतर निरीक्षण संभव होगा। इसी प्रकार एसीपी (ट्रैफिक) के पदों की संख्या भी 4 से बढ़ाकर 8 करने से प्रत्येक पुलिस जिले में 2 एसीपी (ट्रैफिक) नियुक्त किए जाएंगे। इससे निगरानी, प्रवर्तन एवं समन्वय का काम अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगा। वहीं, ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) की संख्या 15 से बढ़ाकर 20 करने से प्रत्येक पुलिस जिले में औसतन 5 टीआई की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे स्थानीय स्तर पर जवाबदेही एवं नियंत्रण में सुधार हो पाएगा।
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