5 साल बाद क्यों गिरा 12वीं साइंस-कॉमर्स, आट्‌र्स का रिजल्ट?:एक्सपर्ट बोले- जल्दी परीक्षा के चक्कर में तैयारी का वक्त नहीं मिला, SIR में बिजी थे टीचर




राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पिछले 5 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब 12वीं के तीनों सब्जेक्ट का रिजल्ट घटा है। इस साल आट्‌र्स का रिजल्ट 97.54%, कॉमर्स का 93.64% और साइंस का 97.52% रहा। साल 2025 के मुकाबले आर्ट्स का रिजल्ट 0.24% व साइंस में 0.91% कम रहा। वहीं कॉमर्स का रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले इस बार 5.43 प्रतिशत कम रहा। पिछले साल (2025) आट्‌र्स 97.78, कॉमर्स 99.07 और साइंस का 98.43% परिणाम रहा था। एक्सपर्ट का मानना है कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार परीक्षाएं जल्दी हुई। ऐसे में स्टूडेन्ट्स को तैयारी का समय कम मिला। इससे स्टूडेन्ट्स डीप नॉलेज गेन नहीं कर सके। स्कोरिंग के लिए आसान माने जाने वाले आब्जेक्टिव प्रश्नों में मात खा गए। वहीं कुछ एक्सपर्ट का ये भी मानना है कि बोर्ड की ओर से पेपर पेटर्न भी थोड़ा हार्ड रखा गया। राजस्थान बोर्ड के एडमिनेस्ट्रेटर व अजमेर के सम्भागीय आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने कहा- आटर्स व साइंस में तो करीब-करीब पिछले साल से थोड़ा ही कम है, कॉमर्स में जरूर ज्यादा कम है, लेकिन रिजल्ट कम व ज्यादा स्टूडेन्ट्स की परफोरमेंस पर निर्भर करता है। छात्रों में तनाव बढ़ा कॉमर्स सब्जेक्ट के एक्सपर्ट अविनाश झा ने बताया- परीक्षाएं हर बार मार्च में होती है। इस बार जल्दी (फरवरी में) आयोजित हो गई। ऐसे में तैयारी के लिए स्टूडेन्ट्स को कम समय मिला। कोर्स पूरा हो गया, लेकिन कोर्स का रिविजन नहीं कर सके। इससे छात्रों में तनाव बढ़ा और इसका असर रिजल्ट पर पड़ा। इस बार बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में टीचर्स ने थोड़ी सख्ती बरती। ऐसे में इसका भी असर हुआ कि कॉमर्स संकाय में रिजल्ट पांच प्रतिशत से ज्यादा गिरा। ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या बढ़ी अंग्रेजी के लेक्चरर हेमंत रंगा ने बताया- पेपर पैटर्न में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या पिछले सालों में बढ़ाई गई। हर बार तैयारी के लिए ज्यादा समय मिलता था और डीप नॉलेज लेकर इन प्रश्नों में अच्छा स्कोर कर लेते थे। इससे रिजल्ट में लगातार सुधार हो रहा था, लेकिन इस बार समय कम मिलने से डीप नॉलेज व रिविजन नहीं हो सका। वहीं, इस साल कोर्स के चैप्टर्स के मार्क्स के पैटर्न को बदल दिया गया। पिछले सालों के मुकाबले थोड़ा अलग रखा गया। इसका असर भी रिजल्ट पर पड़ा। साइंस की लेक्चरर वंदना राठौड़ ने बताया- साइंस में रिवीजन बहुत मायने रखता है। परीक्षा जल्दी शुरू होने के कारण रिवीजन पर्याप्त नहीं हो पाया। फिजिक्स का पेपर अन्य सालों के मुकाबले कठिन और थोड़ा बहुत सिलेबस से बाहर था। इसमें कठिन न्यूमेरिकल व कॉन्सेप्चुअल (MCQs) प्रश्न थे, जिससे कुल परिणाम प्रभावित हुआ। टीचर्स से बात करने पर ये कारण भी सामने आए… सूत्रों के अनुसार, सरकारी स्कूलों के टीचर्स की SIR में ड्यूटी लगाई गई। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। कोर्स तो जैसे तैसे पूरा कर दिया गया, लेकिन रिवीजन नहीं हो पाया। ऐसे में रिजल्ट में गिरावट आई। राजस्थान बोर्ड ने जल्दी रिजल्ट देने के लिए टीचर्स पर जल्दी कॉपियां जांचने का दबाव बढ़ाया। ऐसे में टीचर्स में नाराजगी थी। इसी जल्दबाजी के कारण रिजल्ट का प्रतिशत गिरा। 8 हजार 100 स्टूडेन्ट्स को मिली सप्लीमेंट्री 2026 में आटर्स में 5970 स्टूडेन्ट्स की सप्लीमेंट्री आई। वहीं, साइंस में 2009 स्टूडेन्ट्स और कॉमर्स में 121 स्टूडेन्ट्स सप्लीमेंट्री रहे। 3156 स्टूडेन्ट्स ऐसे रहे जो केवल पास हुए। कॉमर्स में छात्रों ने मारी बाजी कॉमर्स में छात्रों का पासिंग प्रतिशत 94.04 है, वहीं छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 92.82 रहा है। साइंस में छात्रों का पासिंग प्रतिशत 97.07 है, वहीं छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 98.34 रहा है। आटर्स में छात्रों का पासिंग प्रतिशत 96.68 है, वहीं छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 98.29 रहा है। जानिए-किस संकाय में कितने स्टूडेन्ट्स, कितना रहा रिजल्ट अब जानिए-किस संकाय में कौनसा जिला टॉप व कौनसा जिला रहा फिसड्‌डी….. ……….. पढें ये खबर भी…. सरकारी स्कूल की छात्रा टॉपर, दोस्त फॉर्च्युनर सॉन्ग पर नाचे:साइंस में 499 नंबर लाने वालीं 3 लड़कियां सीकर की; जोधपुर की स्टूडेंट को कार मिलेगी राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की 12वीं आट्‌र्स, कॉमर्स, साइंस का रिजल्ट मंगलवार सुबह 10 बजे जारी किया गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परिणाम की घोषणा की। साइंस में 5 संयुक्त टॉपर ने 99.80 प्रतिशत मार्क्स हासिल किए हैं। आट्‌र्स में भी 3 टॉपर स्टूडेंट को 99.60 प्रतिशत अंक मिले। कॉमर्स में 99.20 प्रतिशत नंबर लेकर एक गर्ल्स स्टूडेंट ने टॉप किया है। टॉप-5 में जयपुर, कोटा और उदयपुर जैसे प्रदेश के बड़े जिलों को जगह नहीं मिली है। (पूरी खबर पढें)



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