राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में नकल और डमी कैंडिडेट के जरिए नौकरी हासिल करने वाले गिरोह पर स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने कार्रवाई करते हुए ₹10 हजार के इनामी आरोपी सुनील बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले दो सालों से फरार चल रहा था और उसकी तला
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एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 से जुड़ा है। यह परीक्षा 24 दिसंबर 2022 को आयोजित हुई थी, जिसमें सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान और विज्ञान विषय के पेपर हुए थे। उसी दिन सामान्य ज्ञान का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी, जिसे बाद में 29 जनवरी 2023 को दोबारा कराया गया।
जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी सम्पतलाल माली ने दोनों पेपर खुद नहीं दिए थे। उसकी जगह दो डमी परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 29 जनवरी 2023 को उदयपुर के राजकीय गुरु गोविंद सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय, चेतक सर्किल स्थित परीक्षा केंद्र पर सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान का पेपर सुनील बिश्नोई ने दिया था। आरोपी ने मूल अभ्यर्थी की जगह बैठकर परीक्षा दी और फर्जी तरीके से चयन सुनिश्चित कराया।
वहीं विज्ञान विषय का पेपर देने वाला दूसरा डमी परीक्षार्थी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। SOG को उम्मीद है कि सुनील से पूछताछ में दूसरे आरोपी और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े बिचौलियों के बारे में अहम सुराग मिलेंगे।
डमी परीक्षार्थियों की मदद से मूल अभ्यर्थी सम्पतलाल माली वरिष्ठ अध्यापक द्वितीय श्रेणी (विज्ञान) पद पर चयनित भी हो गया था, लेकिन RPSC अजमेर में शिकायत मिलने के कारण नियुक्ति पत्र जारी नहीं हो पाया। इस मामले में सम्पतलाल माली को पहले ही 13 जनवरी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपी सुनील बिश्नोई पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। उस पर IPC और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2022 की धाराएं लगाई गई हैं। मामले की जांच प्रकाश कुमार शर्मा कर रहे हैं।
SOG अब इस फर्जीवाड़े में शामिल मध्यस्थों, दूसरे डमी परीक्षार्थी और अन्य संलिप्त आरोपियों तक पहुंचने के लिए पूछताछ को आगे बढ़ा रही है। भर्ती परीक्षा घोटालों के खिलाफ यह कार्रवाई राज्य में चल रहे बड़े अभियान का अहम हिस्सा मानी जा रही है।