जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। मृतका के परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अजीम नगर थाना क्षेत्र के भोट बक्काल गांव निवासी 46 वर्षीय चंद्रावती को तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें महिला वार्ड से इमरजेंसी में स्थानांतरित किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों और स्टाफ ने सही तरीके से इलाज नहीं किया, जिसके कारण महिला की जान चली गई। परिजनों के हंगामे से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। मामले की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस तुरंत अस्पताल पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद स्थिति सामान्य हुई और परिजन शांत हुए। इस संबंध में, जिला अस्पताल के सीएमएस बी.सी. सक्सेना ने बताया कि महिला की हालत पहले से ही गंभीर थी। उनका ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर लगातार गिर रहा था। डॉक्टरों द्वारा बेहतर इलाज किया जा रहा था और उन्हें उच्च केंद्र (हायर सेंटर) रेफर भी किया गया था, लेकिन परिजनों ने उन्हें बाहर ले जाने से इनकार कर दिया। सीएमएस सक्सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यदि परिजनों को कोई संदेह था, तो उन्हें पोस्टमार्टम और शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बाद में परिजन शव लेकर अपने गांव चले गए।
Source link