सहरसा जिले में शहरी जलजमाव और भीषण गर्मी से निपटने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में नगर निकायों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नगर निगम, सभी नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में नालों की सफाई का कार्य 15 मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। विशेष रूप से नालों में जमा प्लास्टिक कचरा हटाने पर जोर दिया गया, ताकि बारिश के मौसम में जल निकासी बाधित न हो। इसके अतिरिक्त, अधूरे या कच्चे नालों के निर्माण कार्य को भी 15 मई तक पूरा करने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि जल निकासी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बढ़ती गर्मी के मद्देनजर नगर निकायों को राहत व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी स्थायी प्याऊ तुरंत चालू करने और आवश्यकतानुसार अस्थायी प्याऊ लगाने को कहा गया है, ताकि आम जनता को पीने के पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। मच्छरों के बढ़ते खतरे को देखते हुए शहर में व्यापक स्तर पर फॉगिंग कराने का भी निर्देश दिया गया। जलजमाव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, जिससे डेंगू और अन्य बीमारियों की रोकथाम की जा सके। नगर निगम क्षेत्र में जलजमाव से संबंधित लंबित निविदा कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया गया है। साथ ही, नालों के आसपास किए गए अतिक्रमण को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पानी का बहाव सुचारू रूप से जारी रहे। बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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