अलवर में स्कीम-1 स्थित स्वामी दयानंद पार्क में सोमवार तड़के 4 बजे के आसपास पेड़ ट्रैक पर गिर गया। यह घटना सुबह-शाम नहीं हुई, वरना पार्क में घूमने वालों के साथ बड़ा हादसा हो सकता था। करीब 11 साल पहले कंपनी बाग में पेड़ की एक बड़ी शाखा गिरने से डॉ. ललित कुमार झालानी की मौत हो गई थी। इस मामले में कोर्ट ने अलवर नगर निगम को परिजनों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने के आदेश दिए थे। जानकारी के अनुसार, स्वामी दयानंद पार्क में एक सहजन का पेड़ तड़के 4 बजे के आसपास गिर गया। पेड़ रात में गिरा, इसलिए पार्क में कोई मौजूद नहीं था। वरना सुबह-शाम पार्क में काफी संख्या में बुजुर्ग लोग घूमते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। पेड़ की जड़ों में लंबे समय से दीमक लगी हुई थी स्थानीय निवासी मुकेश बंसल ने बताया कि पेड़ की जड़ों में लंबे समय से दीमक लगी हुई थी, जिसके कारण वह अंदर से खोखला हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क में समय-समय पर पेड़ों की जांच और रखरखाव नहीं किया जाता, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। 2014 में डॉ. झालानी की पेड़ गिरने से मौत अलवर के सबसे बड़े कंपनी बाग में 2014 में सुबह की सैर करते समय 58 वर्षीय डॉ. ललित कुमार झालानी पर पेड़ का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे उनकी मौत हो गई। अलवर की अदालत ने नगर निगम को आदेश दिया था कि परिवार को 1 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाए। उस घटना के बाद भी निगम प्रशासन ने सबक नहीं लिया। कई जगहों पर ऐसे सूखे और जर्जर पेड़ अलवर शहर में मुख्य सड़कों के किनारे और पार्कों में इस तरह के जर्जर पेड़ हैं। अगर उन्हें समय पर नहीं हटाया गया तो कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इससे पहले भी शहर में कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। कंपनी बाग रोड पर भी ठेले वालों पर पेड़ गिर चुका है।है।
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