करौली में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक जागरूकता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें संगोष्ठी और भव्य रैली प्रमुख रहीं। बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। महात्मा ज्योतिबा फुले उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती संगोष्ठी के रूप में मनाई गई। इस कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, स्काउट-गाइड, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। सभी ने बाबा साहब के विचारों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर
स्कूल के निदेशक प्रेमसिंह माली ने अंबेडकर के जीवन, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा को समाज में समानता और जागरूकता लाने का सबसे सशक्त माध्यम बताया। माली ने हर बालक और बालिका को शिक्षा मिलने की अनिवार्यता पर जोर दिया, क्योंकि शिक्षा के बिना मानव जीवन अधूरा है। कार्यक्रम में बाबूलाल भगत, पन्नूसिंह माली, व्याख्याता राधामोहन, माहिर खान, सीमा, रामकुमार, नरेश कुमार जाटव, अखिलेश शर्मा, नीतू कुमार राठौर, आमिर खान और हेमेंद्र कुमार आर्य सहित कई अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने और उनके मिशन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। बग्गी खाना से निकाली गई रैली
इसी अवसर पर बग्गी खाना अंबेडकर विकास समिति के तत्वावधान में शहर में एक भव्य रैली निकाली गई। यह रैली बग्गी खाना से शुरू हुई, जिसका उद्देश्य बाबा साहब के संदेशों को प्रसारित करना था।
रैली अंबेडकर सर्किल, अगोला, भंवरविलास पैलेस, मुरलीपुरा, कन्नूपुरा, सुभाष नगर, आदर्श कॉलोनी, शिकारगंज, नथुआ नगर और फुले कॉलोनी होते हुए ज्योतिबा फुले स्कूल के सामने से गुजरी। रैली के मार्ग में कई स्थानों पर इसका स्वागत किया गया, जहां पुष्पवर्षा, फल वितरण और जलपान की व्यवस्था की गई थी। यह रैली अंततः अंबेडकर भवन पहुंचकर समाप्त हुई।
कार्यक्रम में अध्यापिका सोनिया गोयल, कोमल शर्मा, अमित जंगम, राजकुमारी सैनी, नरेश सहित स्काउट-गाइड भी उपस्थित रहे।
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