कानपुर शहर की सीटों के बदले समीकरण:सपा विधायकों का दावा- फायदा होगा, पॉलिटिकल एक्सपर्ट बोले- BJP के लिए वेकअप कॉल




SIR की फाइनल रिपोर्ट के बाद अब विधानसभा में मतदाता कम हुए। तो पार्टी के नेताओं के बीच हलचल भी बढ़ गई है। एक तरफ राजनीतिक जानकार वोटों के कम होने से सियासी पार्टी के नुकसान होने की आशंका जता रहें हैं। तो वहीं शहर की 5 विधानसभा सीटों पर, जहां सपा काबिज है, इनके मौजूदा विधायक वोट कटौती होने को अपना फायदा बता रहें है। शहर की सीसामऊ विधानसभा सीट के समीकरण के बारे में यहां सोलंकी परिवार और सपा का 4 बार से कब्जा है। इरफान सोलंकी के जेल जाने के बाद यहां से उनकी पत्नी नसीम ने उपचुनाव जीता था। लेकिन इस सीट पर जीत का अंतर देखें तो सपा ने उपचुनाव के साथ बीते तीन चुनाव में 10 हजार वोटों के अंदर ही रहा। ऐसे में SIR के बाद यहां 50,558 हजार वोट कट गए।
यहां से विधायक नसीम सोलंकी का मानना है कि इस SIR से हमें फायदा हुआ है। जो वोट कटा है, उससे कोई नुकसान नहीं होगा। उपचुनाव में भी इस सीट पर विपक्षी दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। मुझे नहीं लगता है कि हमें कोई मुस्लिम वोट या सपा के वोट का कोई नुकसान हुआ है। ये तो समय बताएगा, जब चुनाव होगा 2027 में, कि जिन्होंने SIR कराया उनका ही नुकसान होगा। SIR के बाद से PDA के लोग जागरूक हुए। इसकी वजह से ही हम 2027 का चुनाव जीतेंगे और सरकार बनाएंगे। अब पढ़िए कैंट विधान सभा के विधायक क्या बोले
कैंट विधानसभा में भी SIR के बाद लगभग एक लाख से अधिक वोट कट गए हैं। यहां से मौजूदा विधायक हसन रूमी हैं। छावनी विधानसभा से 2022 चुनाव में जीते। इससे पहले 2017 के चुनाव में कांग्रेस गठबंधन होने के कारण नहीं लड़े थे। इससे पहले भाजपा कैंट विधानसभा सीट से दो बार जीत चुकी थी। हालांकि 2022 में सपा के हसन रूमी 19 हजार वोट के अंतर से चुनाव जीते थे। हसन रूमी ने कहा, मेरी विधानसभा में सवा लाख वोट कटे हैं। SIR को बीजेपी हथियार के रूप में चुनाव आयोग के माध्यम से लाई थी। लेकिन हमारे PDA के प्रहरी ने मुस्तैदी के साथ अपने-अपने क्षेत्र में काम किया और गड़बड़ी होने से रोका। SIR का असर 2027 के चुनाव में दिखाई देगा। लेकिन मेरी विधानसभा में जो वोट बचे हैं, वो ओरिजिनल वोटर हैं। इसका हमें फायदा मिलेगा। अब पढ़िए आर्यनगर विधानसभा से विधायक ने क्या कहा
सपा के विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि SIR में बड़े पैमाने पर वोट काटे गए। लेकिन सपा के लोगों, हमारे कार्यकर्ताओं और BLA ने इस प्रक्रिया को पूरा कराया। बीजेपी इसे अपने फायदे के लिए लाई थी, लेकिन अब उसका पासा उल्टा पड़ गया है। बीजेपी ने जो कोशिश की, साजिश की, उसे हम नाकाम कर गए। जैसे बीजेपी ने हमारे वोट कटवाने की कोशिश की, बोगस फॉर्म भरकर वोट बढ़वाने की कोशिश की, लेकिन हम उन्हें रोक ले गए।इससे बीजेपी को ही नुकसान है, क्योंकि लोगों ने पलायन किया है। इनका शहरी मतदाता गांव की तरफ जो गया है, वो कट गया है। इससे इन्हें नुकसान होगा। अब पढ़िए वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार इस पर क्या कहते हैं
वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा ने बताया कि जो एसआईआर में शहरों में वोट कम हुए हैं, या ये कहेंगे कि संशोधित हुए हैं। इनमें जो आंकड़े शहरी इलाकों से सामने आए हैं, उससे बीजेपी के जो वोटर शहरी क्षेत्रों में थे, उनके लिए ये एक वेकअप कॉल है। दूसरी तरफ जो सपा-बसपा हैं, इनका यूपी में एक बेस है। इनको बूथ लेवल पर बहुत काम करने की जरूरत है। लेकिन शहर क्षेत्रों में जो वोट कम हुआ है, उसका असर बीजेपी के लिए वेकअप कॉल है।
हालांकि अभी बीजेपी या सपा का कोई साफ नुकसान नजर नहीं आ रहा है। लेकिन ये तो वोटिंग प्रतिशत होने के बाद ही पता चलेगा। शहर क्षेत्रों में वोट कटने का मतलब है कि बीजेपी पर ज्यादा असर पड़ सकता है।



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