आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र में लापरवाह शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने का मामला सामने आया है। अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय एडिलपुर के शिक्षकों ने मासूम को स्कूल के अंदर बंद कर चले गए। मामला दादर गांव के रहने वाले हिमांशु राजभर का है। जो कक्षा तीन का छात्र है। सोमवार को रोज की तरह वह स्कूल पढ़ने गया था। पर मासूम को क्या पता था कि वही स्कूल उसके लिए कुछ घंटों तक कैदखाना बन जाएगा। पढ़ाई के दौरान सो गया था मासूम
आजमगढ़ के अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाला मासूम पढ़ाई के दौरान स्कूल में सो गया था। हैरानी की बात यह है कि छुट्टी के समय स्कूल के अध्यापकों ने बिना पूरी जांच किए ही स्कूल में ताला लगा दिया और वहां से चले गए। मासूम बच्चा स्कूल के अंदर ही बंद रह गया और किसी को इसकी खबर तक नहीं हुई। काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो मां हुई परेशान
उधर जब कई घंटे बीत जाने के बाद भी हिमांशु घर नहीं पहुंचा, तो उसकी मां फूला देवी परेशान हो गईं। उन्होंने पहले आसपास के बच्चों से पूछताछ की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली। तो वह खुद अपने बेटे को खोजते हुए स्कूल पहुंचीं। स्कूल के बाहर पहुंचने पर उन्हें अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद ग्राम प्रधान की मदद से स्कूल की चाभी मंगवाई गई और ताला खुलवाया गया। जैसे ही दरवाजा खोला गया, अंदर मासूम हिमांशु रोता हुआ मिला। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर स्कूल के अध्यापकों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर दी। यदि समय पर मां नहीं पहुंचती तो कोई बड़ी घटना घट सकती है। BSA बोले जारी होगी नोटिस
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए आजमगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी राजू पाठक का कहना है कि प्रथम दृष्टि स्कूल के शिक्षकों की लापरवाही है। इस मामले में नोटिस जारी की जाएगी जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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