सुलतानपुर में पूर्व बीज विकास निगम अध्यक्ष राणा अजीत प्रताप सिंह को बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने उनकी हिरासत को अवैध घोषित कर दिया है। जिसके बाद उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। राणा अजीत प्रताप सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हिरासत की प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाईं। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था, जिससे उनकी गिरफ्तारी और हिरासत कानूनी रूप से वैध नहीं मानी जा सकती। न्यायालय के इस फैसले के तुरंत बाद, जेल प्रशासन ने रिहाई की प्रक्रिया पूरी की। रिहाई की खबर मिलते ही समर्थकों में खुशी फैल गई, जिन्होंने इसे न्याय की जीत बताया। इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि न्यायालय के आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है।
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