लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा में बुधवार को खालसा साजना दिवस और बैसाखी समागम पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया और वातावरण ‘वाहे गुरु’ के जयकारों से गूंज उठा। समागम की शुरुआत श्री सहज पाठ की समाप्ति के साथ हुई। इसके बाद स्त्री सत्संग सभा द्वारा श्री सुखमणि साहिब का पाठ और गुरबाणी कीर्तन किया गया।हजूरी रागी भाई जतिनद्र सिंह जी ने मधुर कीर्तन से संगत को भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर हेड ग्रंथी भाई राजवीर सिंह जी ने बैसाखी पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए खालसा पंथ की स्थापना और उसके संदेश को सरल शब्दों में समझाया। सिंगर नगर से आए हजूरी रागी भाई जितेंद्र पाल सिंह जी ने भी अपने कीर्तन से माहौल को भक्तिमय बना दिया। सेवादारों को सम्मानित किया गया कार्यक्रम में बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। समापन पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सेवादारों को गुरु घर का सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। दीवान की समाप्ति के बाद गुरु का लंगर वितरित किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बड़ी संख्या में संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सामने माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इस पूरे आयोजन में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। सेवादार सरदार जसवंत सिंह ने बताया कि बैसाखी का यह पर्व सेवा, समर्पण और भाईचारे का संदेश देता है, जिसे संगत ने पूरे उत्साह के साथ आत्मसात किया।
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